हॉर्मोन्स का लेवल बढ़ने की वजह से होता है डिस्चार्ज
प्रेग्नेंसी के दौरान आमतौर पर ज्यादातर महिलाओं को वजाइना से डिस्चार्ज होता है जिसे ल्यूकोरिया कहते हैं। यह सफेद रंग का, बेहद पतला और थोड़ी सी गंध वाला होता है। इस तरह का डिस्चार्ज बिलकुल नॉर्मल है और इसे लेकर किसी तरह की परेशानी वाली बात नहीं है। प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर के पेल्विक एरिया वाले हिस्से में एस्ट्रोजेन हॉर्मोन का लेवल बढ़ जाता है जिससे म्यूकस मेम्ब्रेन उत्तेजित हो जाते हैं और वजाइना से डिस्चार्ज होने लगता है। कई बार तो प्रेग्नेंसी के दौरान यह डिस्चार्ज बढ़ भी जाता है और पूरी प्रेग्नेंसी के दौरान जारी रहता है।
वजाइनल डिस्चार्ज के कारण
जब कोई महिला प्रेग्नेंट हो जाती है तो उसके सर्विक्स में होने वाले बदलाव की वजह से वजाइना से डिस्चार्ज ज्यादा होने लगता है। जैसे-जैसे ड्यू डेट नजदीक आती जाती है सर्विक्स और वजाइना की दीवारें सॉफ्ट होने लगती हैं और महिला का शरीर और ज्यादा डिस्चार्ज करने लगता है ताकि किसी भी तरह के इंफेक्शन से बचा जा सके। डिलिवरी और लेबर के नजदीक आने के साथ ही बच्चे का सिर भी सर्विक्स को दबाने लगता है और इस वजह से भी वजाइना से ज्यादा डिस्चार्ज होने लगता है।
इस तरह का डिस्चार्ज नहीं है नॉर्मल
अगर आपके वजाइना से होने वाले डिस्चार्ज का रंग सफेद की जगह पीला या हरे रंग का है, बहुत ज्यादा बदबूदार है और साथ में वजाइना में खुजली और रेडनेस की भी दिक्कत हो रही है तो ये सारे लक्षण इस बात का संकेत हैं कि आपको वजाइनल इंफेक्शन हो गया है। कई केसेज में हद से ज्यादा डिस्चार्ज होना या नॉर्मल डिस्चार्ज न होना सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज का भी एक संकेत हो सकता है।
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