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क्या सिर्फ दो दिन में ब्लीडिंग होना नॉर्मल है?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 16
क्या सिर्फ दो दिन में ब्लीडिंग होना नॉर्मल है?
हर महीने अपनी मेंस्ट्रुअल साइकिल (माहवारी) के दौरान एक महिला के साथ हॉर्मोन से जुड़े कई बदलाव होते हैं, जोकि आम तौर पर 3 से 7 दिन तक रहता है। पीरियड को छोड़कर अगर कभी आपको हल्का वजाइनल ब्लीडिंग देखने को मिलता है, तो इसे 'स्पॉटिंग' कहा जा सकता है। इस प्रकार की ब्लीडिंग का मतलब कोई बिमारी नहीं होता।

एक या दो दिन की माहवारी के क्या कारण है? (Causes of Periods for One or Two Days)

अगर किसी को एक या दो दिन ही ब्लीडिंग होती है तो इसका क्या कारण है? क्या यह किसी समस्या का संकेत है? यह सवाल मन में आना सामान्य है। आइए जानते हैं पीरियड कम आना किस वजह से होता है:

प्रेग्नेंसी ( pregnancy)

प्रेग्नेंसी में भी महिलाओं को ब्लीडिंग होती है, खासतौर पर पहली तिमाही में। अमेरिकन कॉलेज ऑफ ऑब्स्टट्रिशन और गायनेकोलॉजिस्ट (American College of Obstetricians and Gynecologists) के अनुसार पंद्रह से पच्चीस प्रतिशत महिलाओं को पहली तिमाही में ब्लीडिंग होती है। यही नहीं, फर्टिलाइजेशन के एक या दो हफ्तों बाद भी स्पॉटिंग हो जाती है। अगर आपको एक या दो दिन की माहवारी (Periods for One or Two Days) जैसी ब्लीडिंग हो रही है। तो इन स्थितियों में यह प्रेगनेंसी के लक्षण हो सकते हैं:

अगर यह ब्लीडिंग ओव्यूलेशन और जब आपके पीरियड आने वाले हों, इस समय के बीच में होती है तो यह इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग (Implantation Bleeding) का सिग्नल हो सकता है।
अगर यह ब्लीडिंग तब होती है, जब आपके पीरियड्स का समय नजदीक हो। यह अर्ली प्रेगनेंसी स्पॉटिंग या इम्प्लांटेशन ब्लीडिंग में देरी के कारण हो सकता है।
यह ब्लीडिंग देरी से आने या मिस्ड पीरियड के बाद भी हो सकती है।
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