नर्सिंग होम में मृत बच्चे के जन्म लेने पर गुस्साए प्रसूता के घर वालों ने रविवार को रमन अल्ट्रासाउंड सेंटर के सामने प्रदर्शन किया। घर वालों का आरोप था कि अल्ट्रासाउंड सेंटर ने सोनोग्राफी की गलत रिपोर्ट दी, इस कारण बच्चे की मौत हुई। उनका कहना था कि अगर सही रिपोर्ट दी होती तो समय रहते ऑपरेशन कर बच्चे को बचाया जा सकता था। मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से कोतवाली नगर में तहरीर दी गई है। उधर, मौके पर पहुंचे सीएमओ ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाया और जांच का आश्वासन दिया।
पंतनगर फोरबिसगंज निवासी सुनील कुमार मिश्र ने रविवार को कोतवाली नगर में तहरीर दी। उसमें बताया कि उन्होंने गर्भवती पत्नी गुड़िया की 17 जुलाई को पेट दर्द की शिकायत पर डॉक्टर की सलाह के बाद रमन अल्ट्रासाउंड सेंटर पर सोनोग्राफी कराई। आरोप है कि सोनोग्राफी के बाद गलत रिपोर्ट दी गई। उसमें बच्चे की स्थिति नार्मल बताई गई। 21 जुलाई को पेट में दोबारा दर्द होने पर गुड़िया को एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया, वहां की एक महिला डॉक्टर ने बताया कि बच्चा सीधा नहीं बल्कि तिरछा है। डॉक्टर ने सोनोग्राफी की रिपोर्ट को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर महिला को ले आते तो ऑपरेशन कर बच्चे को बचाया जा सकता था। बाद में गुड़िया का ऑपरेशन किया गया, इस दौरान मृत बच्चा पैदा हुआ। इससे गुस्साए सुनील के घरवालों ने रविवार को रमन अल्ट्रासाउंड सेंटर के सामने प्रदर्शन कर गलत रिपोर्ट देने का आरोप लगाया।
मौके पर पहुंचे सीएमओ ने घर वालों को शांत कराया और मामले की जांच कराने को कहा। घर वालों का आरोप है कि यदि समय से सही रिपोर्ट दे दी गई होती तो ऑपरेशन कर बच्चे को बचाया जा सकता था। रिपोर्ट गलत दी गई। वहीं, नगर कोतवाल शशिकांत यादव का कहना है कि अभी तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने तथा सीएमओ की रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
क्या सोनोग्राफी की रिपोर्ट गलत हो सकती है?