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क्या स्तन का दूध बच्चे के रंग को प्रभावित करता है?

Language: Hindi | Published: 13 Oct 2022 | Views: 17
क्या स्तन का दूध बच्चे के रंग को प्रभावित करता है?
गोरे रंग से लेकर स्किन को पोषण देता है दूध, जानिए शिशु को मिल्‍क बाथ देने के फायदे

शिशु को दूध से नहलाना बहुत फायदेमंद होता है। इससे शिशु की स्किन का रंग भी निखरता है।
what does a milk bath do for baby in hindi
गोरे रंग से लेकर स्किन को पोषण देता है दूध, जानिए शिशु को मिल्‍क बाथ देने के फायदे
भारत में सदियों से दूध से नहाने की प्रथा चली आ रही है। महिलाएं अपनी खूबसूरती को बढ़ाने के लिए दूध से नहाती हैं लेकिन आपको बता दें कि शिशु को भी दूध से नहलाने के कई फायदे होते हैं।
मिल्‍क बाथ यानि दूध से नहाने से त्‍वचा से जुड़ी कई तरह की समस्‍याएं दूर होती है और त्‍वचा के रंग में भी निखार आता है। हालांकि, आप बच्‍चे को दूध से नहीं बल्कि ब्रेस्‍ट मिल्‍क से भी नहला सकती हैं।

ब्रेस्‍ट मिक में ऐसे गुण होते हैं जो शिशु और बाहरी और आंतरिक रूप से पोषण, सुरक्षा और हीलिंग प्रदान करते हैं। आइए जानते हैं शिशु को दूध से नहलाने के फायदों के बारे में।

​मिल्‍क बाथ से क्‍या होता है

ब्रेस्‍ट मिल्‍म में मौजूद पोषक तत्‍व, फैट और कई तरह के विटामिन शिशु की त्‍वचा को भी प्रभावित करते हैं। ह्यूमन मिल्‍क में 0.8 से 0.9 पर्सेंट प्रोटीन, 3 से 5 पर्सेंट फैट, 6.9 से 7.2 पर्सेंट कार्बोहाइड्रेट और कई तरह के विटामिन, खनिज पदार्थ और बायोएक्टिव तत्‍व होते हैं जो शिशु की स्किन को लाभ पहुंचाते हैं।
मिल्‍क बाथ के फायदे
शिशु को ब्रेस्‍ट मिल्‍क या मिल्‍क बाथ देने के कई लाभ होते हैं, जो कि इस प्रकार हैं :
एक्जिमा : माना जाता है कि ब्रेस्‍ट मिल्‍क हल्‍के एक्जिमा के मामलों के इलाज में इस्‍तेमाल होने वाली हाइड्रोकोर्टिसोन की तरह की काम करता है।
एक्‍ने : शिशु में एक्‍ने का इलाज करने के लिए एंटीबैक्‍टीरियल गुणों से युक्‍त लॉरिक एसिड बहुत असरकारी है। ब्रेस्‍ट मिल्‍क से नहाने से शिशु के शरीर के एक्‍ने भी दूर हो सकते हैं।
डायपर रैश : नवजात शिशु और बच्‍चों में डायपर रैशेज की समस्‍या बहुत आम है। यह 7 से 35 पर्सेंट शिशुओं को प्रभावित करता है। वर्ष 2013 में हुई एक स्‍टडी के मुताबिक ब्रेस्‍ट मिल्‍क से डायपर रैश का इलाज करने में हाइड्रोकोर्टिसोन जैसा प्रभाव ही मिलता है।
मच्‍छर का काटना : ब्रेस्‍ट मिल्‍क में एंटीबैक्‍टीरियल एंटीबॉडी होते हैं जो कट और मच्‍छर के काटने पर होने वाले दर्द से आराम दिलाते हैं।
​कैसे दें मिल्‍क बाथ
अब जान लेते हैं कि बच्‍चे को मिल्‍क बाथ देने का क्‍या तरीका है :
सबसे पहले आप बाल्‍टी या टब में गुनगुना पानी भर लें।
अब इसमें 150 से 300 मि.ली ब्रेस्‍ट मिल्‍क डालें। आपको पानी में इतना दूध डालना है कि वो झागदार या दूधी हो जाए।
इस पानी में शिशु को 5 से 15 मिनट तक बैठाएं और उसके पूरे शरीर पर दूध का पानी डालें।
इसके बाद बच्‍चे को पानी से बाहर निकाल लें और तौलिए से उसका शरीर पोछें।
शिशु के हाथ-पैरों पर बेबी मॉइश्‍चराइजर लगाएं जिससे कि मिल्‍क से मिले हाइड्रेटिंग तत्‍व स्किन में ही रहें।
​कितनी बार दें मिल्‍क बाथ

अब आप सोच रहे होंगे कि शिशु को हफ्ते या महीने में कितनी बार मिल्‍क बाथ देना सही रहता है। आपको बता दें कि सप्‍ताह में एक या दो बार शिशु काे दूध से नहलाया जा सकता है। इससे स्किन नरम, साफ और मुलायम होती है।
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