Masik Dharm Ke Kitne Din Baad Garbh Thahrta Hai
शादी के बाद एक महिला के जीवन में गर्भधारण करने का टाइम और माँ बनने का पल सबसे खूबसूरत होता है पर कई बार कुछ कारणों से महिला को प्रेगनेंसी में देरी हो जाती है। ऐसे में उनके मन में कुछ सवाल होते है जैसे की बच्चा पैदा करने का सही समय क्या है, प्रेग्नेंट होने के लिए कब मेल करे, महिला पीरियड के कितने दिन बाद प्रेग्नेंट होती है, गर्भ ठहरने के लिए क्या करें और प्रेगनेंट कैसे करे। जल्दी प्रेग्नेंट होने का आसान उपाय ,सही समय और तरीका..
गर्भवती ना होने का कारण शारीरिक व मानसिक कोई भी हो सकता है। कुछ ही ऐसे लोग होते है जिन्हें ये जानकारी नहीं होती की प्रेग्नेंट होने के लिए क्या करना चाहिए।कुछ महिलायें जल्दी गर्भवती होने के लिए तरीके में दुआ, टोटके, टेबलेट और दवा का सहारा लेती है।
अगर आप निकट भविष्य में गर्भवती होने की सोच रही है तो गर्भ गिराने व गर्भ ठहरने से रोकने वाली दवा के सेवन से दूर रहे। आजकल की जीवनशैली में पुरुष और महिला की प्रजनन शक्ति का स्तर काफी कम होता जा रहा है ऐसे में महिला हो या पुरुष किसी की भी बांझपन (infertility) की समस्या में डॉक्टर की सलाह से प्रेग्नेंट होने के अन्य तरीके अपनाने चाहिए।
गर्भवती होने के लिए शारीरिक मेल करना जरुरी है पर सबसे जरुरी है ये मेल सही समय पर हो और सही टाइम की जानकारी ovulation time से पता चलती है, ये टाइम गर्भ धारण करने का उचित समय होता है। आइये जानते है गर्भधारण करने का सही तरीका क्या है और ओव्यूलेशन पीरियड क्या होता है..
1. प्रेग्नेंट होने के लिए ओव्यूलेशन पीरियड सबसे अच्छा समय है। यह एक तरह से मासिक धर्म से जुड़ा हुआ समय ही है।
2. ओव्यूलेशन पीरियड कब शुरू होता है ये जानने से पहले ये समझ ले की हर महिला का ओव्युलेशन का समय अलग अलग होता है।
3. Ovulation का समय जानने के लिए महिला को पीरियड्स टाइम का पता होना चाहिए।
4. पीरियड शुरू होने के लगभग 12 से 14 दिन पहले का टाइम ही ओव्युलेशन होता है और ये पीरियड आने के 7 दिन पहले तक रह सकता है। ओव्यूलेशन ही वह टाइम है जिसमें अगर संबंध बनाये जाये तो गर्भ ठहरने की संभावना शत प्रतिशत होती है।
5. ओव्यूलेशन के समय (पीरियड्स के 12 - 14 दिन पहले) और उसके अगले 5 दिन महिला की प्रजनन क्षमता बहुत जादा होती है।
6. मान लीजिये किसी महिला के पीरियड्स 25 को आते है तो उसका ovulation समय 11 से 13 के बीच का हो सकता है।
7. जल्दी प्रेग्नेंट होना चाहते है तो ओव्युलेशन का ध्यान अवश्य रखे। महिला शुक्राणु और अंडे के मिलन से ही गर्भवती होती है। एक बार ओवरी से निकलने के बाद 24 से 36 घंटे तक अंडा जीवित रहता है। इसलिए इस टाइम में संबंध बनाने जरुरी है।
8. ओव्यूलेशन पीरियड के दौरान गर्भधारण करने के लिए हर रोज मेल करने का प्रयास करे और अगर रोज न हो पाए तो 1 दिन छोड़ कर करे। ऐसा करने से शुक्राणु और अंडे के मिलन के आसार बढ़ जाते है और women pregnant होने की संभवना बढ़ जाती है।
9. जिन महिलाओं को उनके पीरियड्स आने की सही तारीख मालूम होती है उनके लिए ओव्युलेशन टाइम पता करना और प्रेगनेंसी प्लान करना आसान होता है पर कुछ जिन महिलाओं के लिए अनियमित मासिक धर्म की समस्या गर्भवती ना होने का बड़ा कारण होता है।
10. जिन्हें पीरियड समय पर नहीं आते उन्हें प्रेग्नेंट होने के उपाय शुरू करने से पहले अपने irregular periods का इलाज करना चाहिए।
1.प्रेगनेंसी के उपाय करने से पहले पुरुष और महिला का शारीरिक और मानसिक दोनों तरीके से त्यार होना जरुरी है। महिला के जादा तनाव लेने का बुरा असर ovulation पर पड़ता है जिससे गर्भ ठहरने में परेशानी आती है और उपाय भी स्वस्थ, सेहतमंद और तनाव मुक्त रहने के लिए काफ़ी असरदार है।
2.पीरियड के बाद प्रेग्नेंट होने के टिप्स करने के साथ साथ महिला को साफ़ सफाई का ध्यान भी रखना चाहिए क्योंकि इस दौरान संबंध बनाने पर इन्फेक्शन का ख़तरा अधिक होता है।
3.गर्भधारण करने की सही उम्र महिला के लिए 22 साल से 29 साल होती है और अगर 25 की उम्र में pregnancy plan करे तो ये सबसे अच्छा समय है क्योंकि 25 की उम्र में महिला शारीरिक और मानसिक रूप से बच्चा पैदा करने के लिए त्यार होती है।
4.गर्भवती होने की सोच है तो मासिक धर्म के पूरी तरह से बंद होने का इंतजार करे।
5.बच्चे पैदा करने के लिए महिला का वजन संतुलित होना जरुरी है। वजन जादा होना और कम होना प्रेग्नेंट होने की संभावना को कम करता है।
6.मोटापा अधिक हो तो बॉडी में एस्ट्रोजन अधिक बनता है जो ovulation में बाधा पैदा करता है और अगर लड़की का शरीर ज्यादा पतला है तो उसे अनियिमित मासिक धर्म की समस्या आती है।
7.अगर पीरियड्स की सही तारीख ना पता हो तो ओव्यूलेशन का समय मालूम करना मुश्किल हो जाता है, ऐसी स्थिति में या तो अनियमित माहवारी का उपचार करे या फिर कुछ महीने इंतजार करे और पीरियड्स की तारीख नोट करे।
8.किसी भी तरह के नशे से बचे इससे प्रजनन क्षमता कमजोर होती है जिससे प्रेगनेंसी में मुश्किलें आती है।
1.पीरियड्स के तुरंत बाद मिलाप करने से प्रेग्नेंट होने के चांस ज्यादा होते हैंअगर रक्त का स्त्राव छठ के दिन समाप्त हो जाए सातवें दिन मिलाप अवश्य करना चाहिए
2.इसके 11 दिन बाद आप फिर से प्रयास कर सकते है क्योंकि तब तक ओव्युलेशन टाइम शुरू हो जाता है।
3.इस बारे में कुछ लोगों की राय अलग हो सकती है इसलिए प्रेगनेंसी के उपाय शुरू करने से पहले डॉक्टर से मिल कर इस बारे में पूरी जानकारी अवश्य ले।
गर्भ कब तक ठहरता है?