गर्भावस्था में पानी की कमी से बढ़ती है दिक्कतें
गर्भावस्था में शरीर में पानी की पर्याप्त मात्रा से न केवल महिला का आराम रहता है बल्कि गर्भवस्थ शिशु भी सुरक्षित रखता है। पानी की कमी से सिर दर्द, मिचली, धड़कन तेज होना, पेट में मरोड़, मसल्स में दर्द, हाथ-पैरों में सूजन और चक्कर आने की समस्या हो सकती है। अगर गर्भ में पानी (एमिनॉटिक फ्लूड यानी बच्चेदानी में पानी) की कमी है तो बच्चे को कई तरह की परेशानी हो सकती है।
क्यों जरूरी है गर्भावस्था मेंं पर्याप्त पानी
पर्याप्त पानी से गर्भावस्था में मिचली यानी उल्टी जैसे समस्या में बचाव होता है। पानी की कमी से पेट में अम्ल अधिक बनता है जिससे पेट में जलन और अपच होता है। पानी शरीर का तापमान भी नियंत्रित रखता है। इंफेक्शन से बचाव होता है। गर्भावस्था में कब्ज की समस्या सामान्य परेशानी है। कब्ज अधिक समय तक रहने से पाइल्स होने की आशंका रहती है। अगर गर्भवती पर्याप्त पानी पीएं तो इन समस्याओं में आराम मिलता है।
गर्भ में पानी की कमी से क्या होता है?