महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक के तौर पर रीठे से बनी एक क्रीम
नई दिल्ली। केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान ने महिलाओं के लिए रीठे से गर्भनिरोधक क्रीम 'कानसैप' बनाई है। लखनऊ स्थित इस संस्थान के निदेशक डा.सी.एम.गुप्ता ने बताया कि यह क्रीम शुक्राणुनाशक है और दुनिया में बुरी तरह फैल रहे एड्स के एचआईवी वायरस से भी स्त्रियों की रक्षा करेगी।
इसको बनाने वाले दल के संयोजक डा.ओ.पी.अस्थाना ने बताया कि यह क्रीम रीठे से बनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह क्रीम वनस्पतियों से बनी है और प्रयोगो के दौर में इसमें काफी अच्छी सफलता भी मिली है। डा.अस्थाना ने बताया कि इस क्रीम के पहले, दूसरे और तीसरे तीनों चरणों के प्रयोग कर लिए गए हैं तथा मार्केटिंग की अनुमति के लिए भारत सरकार के औषधि नियंत्रक के पास प्रस्तावित है।
उन्होंने कहा कि कानसैप के प्रयोगों के दौरान कुल 748 महिलाओं पर इस का सघन परीक्ष्ùाण लगभग पांच साल में किया गया। डा.अस्थाना ने बताया कि इनमें से 399 अर्थात 54 प्रतिशत महिलाओं ने इसका इस्तेमाल छह महीने से अधिक की अवधि के लिए किया। उन्होंने बताया कि इन महिलाओं पर इसके अच्छे नतीजे पाए गए। इसके अतिरिक्त 255 महिलाओं ने इस क्रीम का इस्तेमाल दो से पांच महीने के लगभग किया और शेष महिलाओं ने इसका इस्तेमाल दो महीने से कम समय के लिए किया।
उन्होंने बताया कि प्रयोगों के दौरान मात्र तीन प्रतिशत महिलाओं को इस क्रीम के इस्तेमाल के कारण कुछ परेशानियां हुईं तथा शेष मामले पूरी तरह ठीक रहे। इन तीन प्रतिशत महिलाओं ने क्रीम का इस्तेमाल बंद कर दिया। डा.अस्थाना का कहना है कि इस क्रीम के इस्तेमाल से महिलाएं सुरक्षित रहेंगी और संक्रामक एचआईवी के वायरस से भी उनकी पूरी तरह सुरक्षा होगी। उन्होंने कहा कि इस क्रीम का इस्तेमाल करने पर शुक्राणु नष्ट हो जाएंगे और ऐसी स्थिति में गर्भधारण नहीं होगा।
संस्थान के निदेशक डा.गुप्ता ने बताया कि संस्थान ने इससे पहले एक गर्भनिरोधक गोली 'सहेली' भी विकसित की थी। संस्थान के वैज्ञानिक एक नई गोली तैयार कर रहे हैं जो सहेली की जगह लेगी। यह गोली सहेली से उन्नत होगी और गर्भनिरोधक के अलावा माहवारी के दौरान या बाद में होने वाली समस्याओं पर भी केंद्रित होगी।
गर्भनिरोधक क्रीम?