दूसरी और तीसरी बार के बाद, यह खतरा और बढ़ता ही जाता है। यह खतरा ऐसी महिलाओं को ज्यादा होता है, जो नि:संतान हैं। एक बार गर्भपात करवाने से सर्वाइकल कैंसर का रिस्क तो ढाई गुना तक बढ़ जाता है। दो या उससे अधिक गर्भपात कराने पर यह खतरा चार गुना बढ़ जाता है।
अगर आपका पिछला गर्भपात (एबॉर्शन) बिना किसी जटिलता के हुआ है, तो उसका आपके दोबारा गर्भवती होने की संभावनाओं पर असर पड़ना मुमकिन नहीं है। जिन महिलाओं को ऑपरेशन के जरिये या दवाई लेकर गर्भपात करवाना पड़ा हो, उनमें से अधिकांश महिलाएं बाद में बिना किसी समस्या के गर्भवती हो जाती हैं और स्वास्थ शिशु को जन्म देती हैं।
गर्भपात कितनी बार कर सकते हैं?