अबॉर्शन के बाद कितने दिनों बाद तक होती रहती है ब्लीडिंग.. ?
किसी महिला का गर्भपात होना शारीरिक और मानसिक दोनों स्तर पर बेहद मुश्किल होता है। गर्भपात के समय और बाद में शरीर को भयानक दर्द सहन करना पड़ता है। इस दौरान महिला का शरीर कई बदलावों से गुजरता है।
गर्भपात के बाद महिला को अपना विशेष ख्याल रखना होता है क्यूंकि इसके बाद अधूरे गर्भपात या संक्रमण का खतरा बना रहता है। हम उन जरूरी बातों का जिक्र कर रहे हैं, जिनके गर्भपात के समय होने की संभावना ज्यादा रहती है। अमेरिका की यूसीएसएफ हेल्थ ऑर्गनाइजेशन में हुए अध्ययन के अनुसार गर्भपात के बाद होने वाली ब्लीडिंग एक सप्ताह तो आम बात है, लेकिन कई बार यह उससे अधिक समय तक भी हो सकती है। वहीं कई बार ब्लीडिंग एक घंटे से लेकर तीन घंटे तक लगातार होती है, जिसके कारण बार-बार पैड बदलना पड़ता है।
गर्भपात या अबॉर्शन के बाद जो सबसे समस्या महिलाओं के साथ होती है वो है ब्लीडिंग की। अबॉर्शन होने के बाद भी महिलाओं की ब्लीडिंग नहीं रुकती है, कई दिनों तक रहती है। आइए जानते है कि अबॉर्शन के बाद कितने दिनों तक महिलाओं की ब्लीडिंग रहती है और कैसे इसे बंद किया जा सकता है।
कब तक होती है ब्लीडिंग
जैसे ही महिला का गर्भ गिर जाता है वैसे ही महिला को ब्लीडिंग शुरु हो जाती है। उसके बाद महिला को ब्लीडिंग पीरियड्स की अपेक्षा अधिक होती है, और साथ ही पेट के निचले हिस्से में दर्द का भी अनुभव रहता है। ऐसे में महिला को अपना अच्छे से ध्यान देना चाहिए क्योंकि यह ब्लीडिंग आपको पंद्रह दिनों तक हो सकती है। और जो महिलाएं गर्भपात के लिए मेडिकल का इस्तेमाल करती है तो उन्हें सामान्य गर्भपात से अधिक हो सकती है।
गर्भपात के कितने दिन तक ब्लड आता है?