सर्दियों में गर्भवती महिलाएं रखें ख्याल
विंटर सीजन में प्रैग्नेंट महिलाओं को सचेत रहना चाहिए। प्रैग्नेंसी में महिलाओं में सर्दी जुकाम होने की संभावना बढ़ जाती है, क्योंकि इस समय उनकी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
ऐसी अवस्था में बिना डॉक्टर के परामर्श के सर्दी जुकाम के लिए दवाएं नहीं लेनी चाहिए। सर्दी जुकाम में ली जाने वाली दवाएं शिशु के लिए खतरनाक हो सकती हैं। इस अवस्था में गर्भावस्था में सर्दी जुकाम के दौरान कफ नहीं होने देना चाहिए। इसके लिए गर्भावस्था में सर्दी-जुकाम में दवा लेना हानिकारक है। इसलिए आप भाप लेकर इससे निजात पा सकती हैं।
ड्रायफू्रट खाएं और च्वयनप्राश भी
डॉक्टर की सलाह पर ड्रायफ्रूट्स और च्वयनप्राश भी खाएं। मेवे भी खा सकते हैं। यदि ठंडी चीजें खाना भी हो तो धूप में बैठकर खाएं। इससे सर्दी नहीं होंगे।
इस समय तिल का तेल की मालिश करना चाहिए। इस समय स्किन ड्राय हो जाती है इसलिए तेल मालिश करनी चाहिए। हफ्ते में तीन दिन तेल जरूर लगाना चाहिए।
प्रतिरोधक क्षमता बढ़े
प्रैग्नैंसी में सर्दी जुकाम से बचने के लिए स्वस्थ्य खान-पान लेना चाहिए। ताजे फल, सब्जियां, नट्स जिससे प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो और सर्दी जुकाम से लडऩे में मदद मिलें। ध्यान रहे ठंडी गर्म चीजें एक साथ लेने से परहेज करें। इससे सर्दी जुकाम होने की ज्यादा संभावना होती है।
विटामिन, कैल्शियम व प्रोटीन लें
आमतौर पर डॉक्टर्स हर व्यक्ति को पौष्टिक आहार लेने की सलाह देते हैं। लेकिन जब बात हो गर्भावस्था की तो गर्भावस्था आहार में ऐसी चीजों को शामिल किया जाना चाहिए, जिसमें पोषक तत्वों की भरमार हो। इतना ही नहीं प्रैग्नैंसी के समय पर आहार में विटामिन, कैल्शियम, प्रोटीन, कैलोरी की मात्रा भी भरपूर मिली होनी चाहिए।
प्रैग्नेंसी में आवश्यक विटामिन खासकर विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का गर्भावस्था के दौरान भरपूर सेवन किया जाना चाहिए। यानी प्रैग्नेंट महिला को रोज कैल्शियम और विटामिन की सही मात्रा अपने खाने में शामिल करनी चाहिए। इतना ही नहीं फोलिड एसिड भी बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गर्भवती को सर्दी में क्या खाना चाहिए?