1) अगर आप प्रेग्नेंट है, तो भूलकर भी निर्जला या भूखे पेट व्रत न रखें, क्योंकि आपके भूखे रहने से पेट में पल रहे बच्चे की सेहत पर असर पड़ेगा। मां जो कुछ खाती है उसी से शिशु को भी पोषण मिलता है।
2) गर्भवती महिलाएं फलहार कर सकती हैं। ऐसे में आप अगर फलहार वाला व्रत रख रही हैं, तो कोशिश करे की आप बीच-बीच में कुछ खाती रहें। जूस और पर्याप्त मात्रा में पानी पीएं, ताकि आपकी बॉडी हाइड्रेटिड रहे।
3) शरीर को पोषण मिलता रहे इसके लिए बीच-बीच में ड्राई फ्रूट्स खाते रहें। हालांकि नट्स भी ज्यादा मात्रा में ना खाएं। क्योंकि ये दिक्कत दे सकते अगर इन्हें ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो।
4) व्रत के दौरान चाय या कॉफी न पीएं, नहीं तो पेट में जलन जैसी समस्या हो सकती है। ज्यादा प्यास लगे, तो छाछ, दही या दूध पी सकती हैं। साथ ही मीठे खाने का मन करे तो सीमित मात्रा में ही खाएं।
5) व्रत रखने से पहसे डॉक्टर से पूछ लें। वह आपको ज्यादा अच्छे से बता सकती है कि आप व्रत रख सकती हैं या नहीं। अगर डॉक्टर हां करते हैं तो व्रत के दिन बच्चे की मूवमेंट पर ध्यान दें, जरा भी तकलीफ होने पर डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
6) तीज का व्रत निर्जला होता है, लेकिन गर्भवती महिला को ये व्रत निर्जला नहीं रखना चाहिए।
7) ध्यान दें कि पूजा के दौरान ज्यादा देर तक बैठी ना रह जाएं, इससे भी तकलीफ हो सकती है। धूप में बाहर निकलने से बचें।
गर्भवती महिला कब तक बिना खाए रह सकती है?