गर्भाशय का बढ़ता आकार
प्रेग्नेंसी के दौरान जैसे-जैसे आपका गर्भाशय (यूट्रस) बढ़ने लगता है वह पेट में दूसरे ऑर्गन्स को डिस्प्लेस भी करता है जिस वजह से आपका जी मिचलाता है और बिना कुछ खाए ही ऐसा महसूस होता है जैसे पेट भरा हुआ है या फिर पेट में हल्का दर्द भी होने लगता है। इस तरह का दर्द होना सामान्य सी बात है।
प्रेगनेंसी के नौ महीनों में महिलाओं के मन में तरह-तरह के सवाल और डर आते हैं। इस समय शरीर के किसी भी हिस्से में दर्द उठने लग सकता है और जब पेट में दर्द हो जाए तो चिंता और बढ़ जाती है।
उल्टी आना, चक्कर आना, जी मिचलाना, बॉडी पेन होना, कुछ खाने-पीने का दिल न करना, इस तरह के लक्षण जब खुद में दिखते हैं तो बात-बात पर ऐसा ही महसूस होता है कि क्या ये होना नॉर्मल है? क्या ये सबके साथ होता है? कहीं मेरे बच्चे को कोई दिक्कत तो नहीं?
इन सारे सवालों के साथ-साथ सबसे ज्यादा डर उस वक्त लगता है जब प्रेग्नेंसी (Pregnancy) के दौरान पेट में दर्द होने लगे। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कि प्रेग्नेंसी में पेट में दर्द होना कब नॉर्मल सी बात है और कब आपको डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
हल्दा पेट दर्द होना नॉर्मल है
प्रेग्नेंसी के शुरुआती 3 महीनों में यानी 1 से 12 हफ्ते के दौरान पेट में हल्का दर्द होना सामान्य सी बात है क्योंकि इस दौरान आपके शरीर के अंदर काफी बदलाव हो रहा होता है। आपका गर्भाशय फैलने लगता है, लिगामेंट्स स्ट्रेच होने लगते हैं, मॉर्निंग सिकनेस रहती है। इन सबकी वजह से थोड़ा बहुत पेट दर्द होना नॉर्मल है।
जब पता ही ना हो क्यों हो रहा है पेटदर्द, इन फूड आइटम्स से पाएं राहत
कुछ देर पहले आप पूरी तरह ठीक और एनर्जेटिक फील कर रहे थे और अचानक से पेट में दर्द शुरू हो जाता है तो सारा ध्यान सबकुछ छोड़कर पेट में ही अटक जाता है। हमें लगता है कि हमने तो अभी ऐसा कुछ किया या खाया ही नहीं...ये पेट दर्द क्यों होने लगा है...खैर,आपको क्यों का जबाव ढूंढने से पहले पेट दर्द से राहत पाने के उपाय करने चाहिए। यहां जानें, अचानक उठनेवाले पेट दर्द से राहत पाने के तरीके...ये कमाल के नुस्खे दादी-नानी की पोटली से निकाले हैं इसलिए इनके रिजल्ट पर संदेह की गुंजाइश ही नहीं...
यकीन मानिए पेट दर्द को दूर करने का इससे आसान तरीका पूरी दुनिया में नहीं होगा। लेकिन दादी-नानी के नुस्खे आयुर्वेद से प्रेरित होते हैं। ऐसे में इनका असर कमाल होता है। तो सबसे आसान नुस्के को फॉलो करने के लिए आप अपने उल्टे हाथ यानी लेफ्ट हैंड साइड की करवट लेकर लेट जाइए। मन को शांत रखिए और सांस को नॉर्मल। चंद मिनट में आप पेट दर्द में राहत फील करेंगे।
बारीक पिसे हींग को एक से डेढ़ चम्मच पानी में घोल लें। तैयार घोल में कॉटन बॉल यानी रुई का फोहा भिगो लें। रुई केवल इतनी ही लें कि वह इस घोल में अच्छी तरह भीग जाए और आपकी नाभी को पूरी तरह कवर कर ले। अब इस रुई को तैयार घोल में भिगोकर अपनी नाभि में रख लीजिए। जी हां, इसे नाभि के अंदर अच्छी तरह भर दें और आंखें बंद करके आराम से लेट जाएं। 10 से 15 मिनट में दर्द से राहत मिल जाएगी।
कई बार अपच और गैस के कारण भी पेट में अचानक से दर्द शुरू हो जाता है। ऐसे में जरूरी है कोई ऐसी चीज खाना जो हमारे हाजमें को ठीक कर सके। ताकि पाटी में जमा हो रही गैर जरूरी गैसेज़ और एसिड का असर खत्म हो जाए। इस स्थिति में हरी इलायची चबाकर खाना बहुत फायदेमंद होता है। अगर एक में फायदा ना हो तो दूसरी इलायची 5 मिनट बाद ही ले सकते हैं।
अगर आपको यह नहीं पता है कि पेट में दर्द क्यों शुरू हुआ है तो आप आधा चम्मच अजवाइन के साथ दो चुटकी नमक लेकर हल्के गुनगुने पानी से इसकी फंकी ले लें। यानी इसे दवाई की तरह निगल लें। मात्र 10 से 15 मिनट के अंदर आपको पेट दर्द से राहत महसूस होगी।
हाजमोला जैसी पाचन संबंधी कैंडीज को उन मसालों और प्रॉपर्टीज को मिक्स करके तैयार किया जाता है, जो पाचन क्रिया में सहायक होती हैं। इस कारण ये कैंडीज पेट दर्द से राहत दिलाने में मददगार हैं।
ऊपर बताए गए सभी नियम और नुस्खे पेट में होनेवाले सामान्य दर्द के लिए हैं। जो सामान्य दर्द को दूर करने के लिए सदियों से हमारे पूर्वजों द्वारा उपयोग में लाए जाते रहे हैं। अगर आधे घंटे यानी 30 मिनट के अंदर आपको इनमें से अपनाए गए किसी नुस्खे के कारण राहत ना मिले तो आप डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। दर्द की वजह कुछ और भी हो सकती है।
पेट दर्द दूर करने में मदद करेंगे दादी मां के ये घरेलू नुस्खे
गर्भाशय का बढ़ता आकार
प्रेग्नेंसी के दौरान जैसे-जैसे आपका गर्भाशय (यूट्रस) बढ़ने लगता है वह पेट में दूसरे ऑर्गन्स को डिस्प्लेस भी करता है जिस वजह से आपका जी मिचलाता है और बिना कुछ खाए ही ऐसा महसूस होता है जैसे पेट भरा हुआ है या फिर पेट में हल्का दर्द भी होने लगता है। इस तरह का दर्द होना सामान्य सी बात है।
कब्ज और गैस की दिक्कत
कई बार प्रेग्नेंसी के दौरान प्रेग्नेंट महिला को कब्ज और गैस की दिक्कत भी हो जाती है। इसकी वजह ये है कि प्रेग्नेंसी के दौरान प्रोजेस्टेरॉन नाम का हॉर्मोन बढ़ने लगता है जिससे आंत के जिस रास्ते से फूड्स ट्रैवल करते हैं वो प्रक्रिया बेहद स्लो हो जाती है। इस वजह से पेट में गैस बनने लगती है और कई बार कब्ज की भी दिक्कत हो जाती है।
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