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गर्भवती महिला के पेट पर काली रेखा का क्या मतलब होता है?

Language: Hindi | Published: 11 Oct 2022 | Views: 13
गर्भवती महिला के पेट पर काली रेखा का क्या मतलब होता है?
गर्भावस्था के दौरान पेट पर काली रेखा (लिनिया नाइग्रा) क्या है?

गर्भावस्था के दौरान हाइपरपिगमेंटशन के कारण पेट पर काले रंग की रेखाएं (लिनिया नाइग्रा) उभर आती हैं, जो गर्भावस्था की दूसरी तिमाही में नजर आती हैं। ये रेखाएं श्रोणि यानी पेल्विस से लेकर नाभि तक होती हैं। कुछ मामलों में ये रेखाएं छाती तक भी हो सकती हैं। प्रसव के बाद ये रेखाएं कुछ महीनों बाद गायब हो जाती है (1)।

अब जानते हैं कि किस कारण से यह काली रेखा बनती है।

गर्भावस्था में पेट पर काली रेखा पड़ने के क्या कारण हैं?

गर्भावस्था के दौरान एस्ट्रोजन हार्मोन के कारण शरीर में मेलेनिन (स्किन पिगमेंट) का निर्माण ज्यादा होने लगता है। शरीर में मेलेनिन का जमाव अधिक होने से त्वचा का रंग गहरा होने लगता है। इस कारण से आगे चलकर त्वचा पर काली रेखा यानी लिनिया नाइग्रा नजर आने लगती है (1)।

आगे जानते हैं कि गर्भावस्था में यह रेखा कब नजर आती है।
गर्भावस्था के दौरान लिनिया नाइग्रा कब दिखाई देती है?

गर्भावस्था में लिनिया नाइग्रा दूसरी तिमाही में नजर आने लगती है। किसी गर्भवती महिला में यह रेखा साफ तौर पर दिखाई देती है, तो किसी-किसी में बिल्कुल नजर नहीं आती। समय के साथ यह चौड़ी हो जाती है और गर्भावस्था के कुछ समय के बाद अपने आप ही गायब हो जाती है (1)।

इसके बारे में जानने के बाद मन में एक सवाल तो आया होगा कि क्या इसे रोका जा सकता है? आइए जानते हैं।
क्या लिनिया नाइग्रा को रोका जा सकता है?

नहीं, यह सामान्य प्रक्रिया है। गर्भावस्था के दौरान शरीर में होने वाले बदलावों के कारण ऐसा हो सकता है। साथ ही लिनिया नाइग्रा हर गर्भवती महिला में नजर आए, संभव नहीं है। अच्छी बात यह है कि डिलीवरी के बाद कुछ महीनों में यह रेखा अपने आप गायब भी हो जाती है। हालांकि, इसे रोका तो नहीं जा सकता, लेकिन कुछ घरेलू नुस्खों के जरिए इसकी डार्कनेस को कम जरूर किया जा सकता है। जैसे:

नींबू का रस: नींबू का रस त्वचा पर हाइपरपिगमेंटेशन को फीका करके उसे चमकदार बनाने में मदद करता है। इससे काली रेखा फीकी या कम दिखाई देने लग सकती है (2)।

कॉस्मेटिक: गर्भावस्था में काली रेखा पर कॉस्मेटिक पाउडर को लगा सकते हैं। इस प्रकार लाइन को कवर करने से लिनिया नाइग्रा के कालेपन को दूर कर सकते हैं। ध्यान रखे कि कोई भी रासायनिक क्रीम और ब्लीचिंग क्रीम हानिकारक हो सकती है, इसलिए इसके उपयोग से बचना चाहिए और डॉक्टर से पूछकर ही प्रयोग करना चाहिए।

सूरज की किरणों से दूर रहें: गर्भावस्था के दौरान सूरज की किरणों का बहुत ज्यादा संपर्क त्वचा को और काला कर सकता है। इससे लिनिया नाइग्रा और भी ज्यादा स्पष्ट दिखाई देने लग सकती है। इससे बचने के लिए या तो सूरज की किरणों के संपर्क में न आएं या फिर सनस्क्रीन लगाकर ही बाहर निकलें।

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