क्यों जरूरी है कैल्शियम
- गर्भावस्था में पोषक तत्वों की आवश्यकता बढ़ जाती है। इस दौरान पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेने से समय से पूर्व नवजात की मृत्यु को रोका जा सकता है। कैल्शियम लेने से माता की हड्डियां मजबूत होती है। मां के दूध में कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से नवजात की हड्डियों का विकास भी अच्छा होता है।
इनका रखें ख्याल
- प्रत्येक गर्भवती महिला को कुल 360 आयरन की गोली का सेवन करना चाहिए। 180 गोली प्रसव से पहले व 180 गोली प्रसव के बाद 6 महीने तक लेनी चाहिए।
- सभी गर्भवती महिलाओं को द्वितीय व तृतीय त्रैमास में सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन एक आयरन की गोली दी जाए। एनीमिया ग्रसित गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन दो आयरन की गोली दी जाए।
- सभी गर्भवती महिलाओं को 500 मिलीग्राम कैल्शियम की दो गोली प्रतिदिन दी जाए। यह खुराक चौथे माह की गर्भावस्था से आरंभ होकर प्रसव के छह माह बाद तक निरंतर दी जानी है।
- कैल्शियम की एक गोली सुबह एवं दूसरी गोली रात्रि खाने के साथ दी जानी है। यह दोनों गोलियां एक साथ नहीं ली जा सकती है। क्योंकि 800 मिलीग्राम से अधिक कैल्शियम लेने पर आंतों से आयरन का अवशोषण कम हो जाता है।
- कैल्शियम की गोली खाली पेट लेने से दर्द हो सकता है। कैल्शियम व आयरन की गोली एक साथ नहीं लेनी चाहिए। आयरन की गोली खाने के दो घंटे के बाद ही लेनी चाहिए।
गर्भवती महिला को आयरन फोलिक एसिड गोली कितने दिनों तक रोज दी जाती है?