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गर्भवती महिला को काजू खाने से क्या होता है?

Language: Hindi | Published: 13 Oct 2022 | Views: 20
गर्भवती महिला को काजू खाने से क्या होता है?
गर्भावस्था में काजू खाने के फायदे – Benefits of Eating Kaju During Pregnancy In Hindi

गर्भावस्था में काजू खाने के फायदे कई होते हैं। इन फायदों के बारे में हम आगे विस्तार से रिसर्च के आधार पर जानकारी दे रहे हैं।
1. कब्ज

गर्भावस्था के समय कब्ज की परेशानी महिलाओं को खूब सताती है। रिसर्च के अनुसार, करीबन 11 से 38 प्रतिशत महिलाओं को यह समस्या हो सकती है (6)। इससे बचने के लिए काजू का सेवन किया जा सकता है। दरअसल, काजू में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है (7)। अध्ययन में बताया गया है कि आहार से मिलने वाला फाइबर डाइजेस्टिव जूस के स्राव को उत्तेजित करके और पेट में मौजूद खाद्य पदार्थ की संचालन शक्ति (Propulsion) बढ़ाकर पेट में भोजन रहने के समय को कम कर सकता है। इससे कब्ज की समस्या से राहत मिल सकती है (6)। इसी वजह से गर्भावस्था में काजू खाने के फायदे में कब्ज को भी गिना जाता है।
2. फोलिक एसिड (विटामिन बी9)

प्रेगनेंसी में फोलिक एसिड को एक जरूरी पोषक तत्व माना जाता है और यह काजू से प्राप्त किया जा सकता है (7)। इससे शिशु को जन्मजात समस्याओं (मस्तिष्क, स्पाइन, रीढ़ की हड्डी और हृदय रोग) के साथ ही गर्भवती को होने वाले एनीमिया के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। यही नहीं, फोलेट गर्भस्थ शिशु के विकास और वृद्धि के लिए जरूरी माना जाता है। हाल ही के रिसर्च में प्रीमैच्योर डिलीवरी (शिशु का समय से पहले जन्म) से बचाव में भी इसे फायदेमंद पाया गया है (8)।
3. आयरन के लिए

आयरन युक्त खाद्य पदार्थ में काजू का नाम भी शामिल है। रिसर्च बताती हैं कि 100 ग्राम काजू में 4.5 से 7.1 मिली ग्राम तक आयरन हो सकता है (7)। यह आयरन गर्भावस्था के लिए काफी जरूरी होता है। एक अध्ययन के अनुसार, गर्भावस्था के समय महिला के शरीर में आयरन की जरूरत बढ़ जाती है, जिससे उसको आयरन की कमी और इसके कारण होने वाले एनीमिया का जोखिम पैदा हो जाता है (9)।

आंकड़ों पर गौर करें, तो विकासशील देशों में करीबन 52 प्रतिशत महिलाएं इससे प्रभावित होती हैं। आयरन की कमी होने से महिला के साथ ही गर्भस्थ शिशु को भी एनीमिया होने का खतरा बढ़ जाता है (9)। ऐसे में अन्य आयरन युक्त खाद्य पदार्थ के साथ ही महिलाएं अपनी डाइट में काजू को भी शामिल कर सकती हैं।
4. डायबिटीज

गर्भावस्था में काजू खाने के फायदे में मधुमेह नियंत्रण को भी गिना जा सकता है। एनसीबीआई द्वारा पब्लिश एक रिसर्च पेपर में भी लिखा है कि नट्स का सेवन करने से डायबिटीज के जोखिम से बचा जा सकता है। माना जाता है कि काजू शरीर में ग्लूकोज को तेजी से बनने नहीं देता है, जिससे शरीर में ग्लूकोज की मात्रा नियंत्रित रहती है। इसके कारण मधुमेह के जोखिम से बचने में भी मदद मिल सकती है (10)।
5. रक्तचाप नियंत्रण के लिए

प्रेगनेंसी में काजू खाने के फायदे में रक्तचाप को नियंत्रित करना भी शामिल हो सकता है। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर में बताया गया है यह ब्लड प्रेशर की दोनों संख्या यानी सिस्टोलिक और डाइस्लोटिक रक्तचाप को कम कर सकता है। ऐसा करके यह गर्भवतियों को हृदय रोग के जोखिम से भी बचा सकता है (11)।

एक अन्य रिसर्च में कहा गया है कि कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम के साथ कम सोडियम का सेवन करने से उच्च रक्तचाप के जोखिम से सुरक्षा मिल सकती है। ये सभी पोषक तत्व काजू में पाए जाते हैं। इसी वजह से काजू को रक्तचाप से बचाव में सहायक माना गया है। बस सॉल्टेड यानी नमक युक्त काजू का सेवन करने से यह लाभ मिलना मुश्किल है (12)।
6. कोलेस्ट्रॉल

कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए भी काजू फायदेमंद साबित हो सकता है। रिसर्च में बताया गया है कि नट्स में मौजूद फाइटोस्टेरॉल्स कोलेस्ट्रॉल के अवशोषण में हस्तक्षेप करके आंतों में मौजूद कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम कर सकता है। शोध के अनुसार, 67 ग्राम नट्स का सेवन रोजाना करने से टोटल और एलडीएल यानी हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद मिल सकती है (12)।
7. मांसपेशियों के लिए

गर्भावस्था के समय मांसपेशियों संबंधी परेशानी से बचाए रखने में भी काजू मदद कर सकता है। इससे संबंधित एक रिसर्च पेपर की मानें, तो मांसपेशियों के लिए जरूरी पोषक तत्व मैग्नीशियम होता है। यह मांसपेशियों की बेहतर कार्यप्रणाली को सुनिश्चित करता है। साथ ही हड्डियों को भी मजबूत करने में सहायक हो सकता है (13)। इस पोषक तत्व की मात्रा काजू में अच्छी होती है (12)। इसी आधार पर कहा जा सकता है कि काजू का सेवन करना गर्भावस्था के दौरान मां और गर्भस्थ शिशु दोनों की मांसपेशियों के लिए अच्छा हो सकता है।
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