इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार गर्भवती महिलाओं को दिनभर में दो लीटर पानी पीना चाहिए। शिशु को दूध पिलाती हैं तो आपको 2.5 से 3 लीटर पानी पीने की जरूरत होती है। गर्भावस्था में शरीर को अधिक फ्लूइड की जरूरत होती है ताकि अधिक खून और एम्निओटिक फ्लूइड बन सके।
पानी हमारे जीवन के लिए बहुत जरूरी है। दिनभर में पर्याप्त पानी पीकर कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है। हर उम्र के व्यक्ति के लिए पानी आवश्यक है और शरीर में पानी की कमी होने पर कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं।
गर्भवती महिलाओं को भी दिनभर में खूब पानी पीने के लिए कहा जाता है। गर्भस्थ शिशु को मां के आहार से ही पोषण मिलता है और यदि गर्भवती महिला पर्याप्त पानी न पिए, तो इससे बच्चे को भी दिक्कत हो सकती है।
अगर आप भी प्रेगनेंट हैं और कम पानी पीती हैं तो जरा यहां जान लें कि ऐसा करना आपके लिए कितना नुकसानदायक हो सकता है।
गर्भवती महिलाओं को यूटीआई यानि यूरीनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन होने का खतरा ज्यादा रहता है और शरीर में पानी की कमी होने की वजह से इसका जोखिम और बढ़ जाता है। इसके अलावा पानी की कमी के कारण एम्निओटिक फ्लूइड के स्तर में भी कमी आती है।
जब प्रेगनेंट महिला पर्याप्त पानी नहीं पीती है तो इससे ब्रैक्स्टन हिक्स कॉन्ट्रैक्शन पैदा होती हैं और कई बार इन कॉन्ट्रैक्शंस को शांत करने के लिए ज्यादा फ्लूइड दिए जाते हैं।
प्रेग्नेंसी में कितना पानी पीना चाहिए
इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिसिन के अनुसार गर्भवती महिलाओं को दिनभर में दो लीटर पानी पीना चाहिए। शिशु को दूध पिलाती हैं तो आपको 2.5 से 3 लीटर पानी पीने की जरूरत होती है। गर्भावस्था में शरीर को अधिक फ्लूइड की जरूरत होती है ताकि अधिक खून और एम्निओटिक फ्लूइड बन सके।
आप नींबू पानी, पुदीने का रस और हर्बल टी से भी शरीर में फ्लूइड्स की जरूरत को पूरा कर सकती हैं। इसके लिए कोई हेल्दी स्मूदी भी ले सकती हैं। जब भी घर से बाहर जाएं तो अपने साथ पानी की बोतल जरूर रखें और घर पर भी थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीती रहें। रोज सुबह उठकर पानी पीने की आदत डाल लें।
गर्भवती महिला को कैसे पीना चाहिए?