प्रेगनेंसी में दूध पीना चाहिए या नहीं?
हां, प्रेगनेंसी में दूध फायदेमंद हो सकता है। दूध में प्रोटीन, कैल्शियम, फास्फोरस, पोटैशियम, आयोडीन, विटामिन-बी12 और राइबोफ्लेविन सहित कई पोषक तत्व उच्च मात्रा में होते हैं। ये गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला और भ्रूण के अच्छे विकास के लिए लाभदायक हो सकते हैं।
दूध के प्रकार – गर्भावस्था के दौरान कौन सा सुरक्षित है?
वर्तमान समय में बाजार में कई प्रकार के दूध उपलब्ध हैं, लेकिन इनमें से कौन सा दूध गर्भवती महिला के लिए सुरक्षित है, आइए जानते हैं।
पॉश्चरीकृत दूध: यह दूध सबसे बेहतर होता है। इसके मुकाबले कच्चे दूध में बैक्टीरिया होते हैं, जो आपके और होने वाले शिशु के लिए खतरनाक हो सकते हैं (3)। बाजार में मिलने वाले पैकेड दूध को ही पॉश्चरीकृत दूध कहा जाता है। इसे करीब 62 डिग्री सेल्सियस तापमान पर गर्म करके ठंडा किया जाता है। इससे दूध में मौजूद सभी हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं। इसलिए, यह दूध स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना गया है।
स्किम्ड दूध: इस प्रकार के दूध में वसा कम होता है। यह आपको स्वस्थ रखने के सबसे अच्छे विकल्पों में से एक है। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ने नहीं देता। साथ ही इसमें आवश्यक पोषक तत्व भी होते हैं, जो शिशु के विकास में मदद करते हैं (4)।
कच्चा दूध: गाय, भैंस व बकरी आदि का दूध कच्चा होता है। इसमें लिस्टेरिया बैक्टीरिया पाया जाता है, जिससे गर्भवती महिला बीमारी हो सकती है। कच्चे दूध का सेवन गर्भपात का कारण भी बन सकता है, साथ ही नवजात शिशु की मौत तक हो सकती है (5)।
फुल-क्रीम दूध: इस दूध में अतिरिक्त वसा और पोषक तत्व होते हैं। फुल-क्रीम दूध का एक कप 146 कैलोरी प्रदान करता है, जबकि स्किम्ड दूध में केवल 83 कैलोरी होता है (6)। जब तक कि आपका वजन अधिक नहीं बढ़ता, तब तक यह आपके लिए एक आदर्श विकल्प हो सकता है।
यहां हम जानेंगे कि गर्भावस्था के दौरान दूध पीना कब शुरू करना चाहिए।
गर्भावस्था के दौरान दूध पीना कब शुरू करें? | Pregnancy Me Dudh Kab Piye
गर्भावस्था के दौरान दूध कभी भी पीना शुरू कर सकते हैं। अगर इसे सही मात्रा में लिया जाए, तो यह हानिकारक नहीं होता। यह गर्भवती के स्वास्थ्य और भ्रूण के विकास में लाभदायक होता है (2)।
यहां हम जानेंगे कि गर्भावस्था के दौरान एक दिन में दूध की कितनी मात्रा लेनी चाहिए।
गर्भवती महिला को एक दिन में कितना दूध पीना चाहिए?
गर्भावस्था के दौरान दूध का सही फायदा लेने के लिए गर्भवती महिला को राेजाना दो या तीन कप दूध पीना चाहिए (1)। बेशक, वैज्ञानिक तथ्य में दो-तीन कप दूध पीने की बात है, लेकिन हर गर्भवती महिला को डॉक्टर से इसकी प्रतिदिन की मात्रा के बारे में जरूर पूछना चाहिए।
दूध की मात्रा जानने के बाद आगे हम जानते हैं कि दूध किस प्रकार से गर्भावस्था में फायदेमंद हो सकता है।
गर्भावस्था के दौरान दूध पीने के फायदे |
गर्भावस्था में दूध मां और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए ही फायदेमंद हो सकता है। जहां इसका सेवन माता के स्वास्थ्य में लाभदायक है, वहीं गर्भस्थ शिशु के विकास के लिए भी यह उतना ही जरूरी है। आइए, अब जानते हैं कि दूध पीने के क्या-क्या फायदे हो सकते हैं।
गर्भावस्था के दौरान दूध पीते समय कुछ टिप्स याद रखें
हालांकि, गर्भावस्था के दौरान दूध का सेवन फायदेमंद होता है, लेकिन कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें आपको याद रखना चाहिए।
नाश्ते के समय दूध में जई, मक्का या कॉर्नफ्लेक्स और जौ जैसे अनाज को मिलाया जा सकता है। साथ ही दलिया भी मिलाया जा सकता है।
रात को खाने के बाद एक कप स्किम्ड दूध लिया जा सकता है।
अनपॉश्चराइज्ड दूध से बचें, क्योंकि इससे गर्भवती महिला को फूड पॉइजनिंग हो सकती है (18)।
गर्भावस्था के दौरान दूध को लेकर कई अफवाहें होती हैं, आइए जानते हैं उनके बारे में।
हड्डियों के लिए कैल्शियम : 19 वर्ष से अधिक की गर्भवती महिलाओं को लगभग 1 हजार मिलीग्राम कैल्शियम की आवश्यकता होती है। वहीं, बिना वसा वाले दूध का एक कप 302mg कैल्शियम प्रदान करता है (7)। इसलिए, आपकी रोजमर्रा की कैल्शियम की जरूरतों को पूरा करने के लिए करीब तीन कप दूध का सेवन करना उचित है।
गर्भवती महिला को गर्म दूध क्या करता है?