अब गर्भवती महिलाओं को मिलेंगे 6 हजार रुपए, तीन किश्तों में मिलेगी राशि
गर्भवती महिलाओं को अब जननी बाल सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के अलावा अब केंद्र सरकार अलग से 6 हजार रुपए की अतिरिक्त पोषण राशि देगी। प्रधान मंत्री केंद्रीय मातृत्व वंदना योजना की जिले में शुरूआत की गई है। सिविल सर्जन ने इस योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए सभी सरकारी अस्पतालों के प्रभारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया है। ताकि इस साल जितनी महिलाओं का प्रसव हुआ है, उन सब की कागजी प्रक्रिया पूरी हो सके। साथ ही पोषण राशि का भुगतान हो सके। और महिलाएं सरकार से मिलने वाली राशि अपने स्वास्थ्य और शिशु के पोषण पर खर्च कर सकें।
जननी बाल सुरक्षा योजना का भी मिलेगा लाभ
अस्पतालों में प्रसव होने पर गर्भवती महिलाओं को राज्य सरकार के द्वारा 14 सौ की प्रोत्साहन राशि पहले से मिल रही थी। केंद्र सरकार की मातृत्व वंदना योजना के तहत इसी साल से 6000 हजार रुपए देने की व्यवस्था शुरू हो गई है। यानी अब गर्भवती महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की इन योजनाओं से कुल 74 सौ रुपए मिल पाएंगे। इससे महिलाओं केा सहुलियत होगी।
तीन किश्तों में मिलेगी राशि
केंद्रीय मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को अपने स्वास्थ्य और होने वाले शिशु के पोषण के लिए तीन किश्तों में राशि भुगतान का प्रावधान किया गया है। महिलाओं को गर्भधारण के बाद सरकारी अस्पताल में पंजीकरण कराना होगा। तब एक हजार रुपए मिलेंगे। छह माह पूरे होने और प्रसव पूर्व जांच के बाद दो हजार रुपए दिए और शिशु के जन्म पर जच्चा-बच्चा के लिए तीन हजार रुपए मिलेंगे।
पहले शिशु होने पर ही मिलेगी सुविधा
केंद्र सरकार ने मातृत्व लाभ योजना का लाभ वैसी गर्भवती महिलाओं को देने का प्रावधान बनाया है, जिनका पहला प्रसव हुआ है। गर्भधारण के समय पंजीकरण नहीं करवाने वाली महिलाओं को राशि लेने में परेशानी होगी। मातृत्व वंदना योजना की पूरी राशि लेने के लिए निबंधन व जांच प्रतिवेदन बनना जरूरी है।
क्या कहते हैं डीपीएम
डीपीएम मणिभूषण झा ने बताया कि वैशाली जिले में प्रधान मंत्री मातृत्व वंदना योजना की शुरूआत हो गई है। पहली जनवरी के बाद गर्भवती होने वाली महिला को इसका लाभ दिया जाएगा। सुरक्षित शिशु के प्रसव के उपरांत पूरी राशि भुगतान का प्रावधान है। पंजीकरण कार्ड भुगतान का मुख्य आधार माना जाएगा।
गर्भवती महिला को मिलने वाली राशि?