गर्भावस्था में सर्दी-जुकाम और खांसी का इलाज व घरेलू उपाय
गर्भावस्था में महिला को सर्दी-जुकाम की समस्या होना आम बात है। गर्भावस्था के दौरान महिला काफी संवेदनशील हो जाती है, जिस कारण सर्दी-खांसी व जुकाम जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं। भले की यह समस्या छोटी-सी लगे, लेकिन अगर इसे सही समय पर नियंत्रित न किया जाए, तो यह और बढ़ सकती है। इससे मां और गर्भ में पल रहे शिशु दोनों को तकलीफ हो सकती है। साथ ही गर्भवती को कोई भी दवा खाने से पहले डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए।बहरहाल, मॉमजंक्शन के इस लेख में हम प्रेगनेंसी के दौरान सर्दी-जुकाम व खांसी जैसी समस्याओं पर विस्तार से बात करेंगे। इस लेख में हम जानेंगे कि प्रेगनेंसी में सर्दी-खांसी होने के क्या कारण हैं, इसका घरेलू इलाज क्या है और कैसे इससे बचाव किया जाए। इन सभी सवालों के जवाब आपको इस लेख में मिलेंगे।
गर्भावस्था में सर्दी-जुकाम के लिए घरेलू उपचार
ज्यादातर लोग सर्दी, खांसी व जुकाम जैसी समस्या के लिए सबसे पहले घरेलू उपचार करना ही पसंद करते हैं। आपको घर में ऐसी कई गुणवत्ता वाली चीजें मिल जाएंगी, जो इस बीमारी में काफी फायदा पहुंचा सकती हैं। नीचे हम आपको गर्भावस्था के दौरान सर्दी-जुकाम और सूखी खांसी से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपचार बता रहे हैं :
ज्यादा से ज्यादा तरल लें : सर्दी-जुकाम से आपकी भूख प्रभावित होती है। ऐसे में आपके शरीर में पोषक तत्वों और पानी की कमी न हो, उसके लिए ज्यादा से ज्यादा तरल चीजों का सेवन करें। आप ताजे फलों का रस, सूप और शोरबा पी सकती हैं। तरल पदार्थ कफ को निकालने में मदद करेंगे। आप दिन में आठ से 10 गिलास पानी जरूर पिएं।
पौष्टिक चीजें खाएं : गर्भावस्था में रोग-प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है, जिस कारण सर्दी-जुकाम होने लगता है। इसलिए, इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के लिए आपको पौष्टिक चीजें खानी चाहिए। आप अपने खानपान में हरी सब्जियां, टमाटर, पालक व फल जरूर शामिल करें, जिससे आपको भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट मिले और रोग-प्रतिरोधक क्षमता विकसित हो। आपको बता दें कि एंटीऑक्सीडेंट से रोग-प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है, जो इन्फेक्शन से लड़ने में मदद करते हैं (3)
। कुछ भी हो, आप खाना-पीना बंद बिल्कुल न करें। आप दिनभर में तीन बार खाने की जगह छह बार में खाएं।
आराम करें : सर्दी-जुकाम में ज्यादा से ज्यादा आराम करना जरूरी है। आप जितना सोएंगी, जितना आराम करेंगी, उतनी ही जल्दी इस बीमारी से राहत मिलेगी। साथ बेडरेस्ट करने से यह संक्रमण परिवार के दूसरे लोगों में नहीं फैल पाता है।
अपने सिर को ऊपर रखें : लेटते समय अपने सिर को ऊंचा रखें। इसके लिए आप सिर के नीचे तकिये लगा सकती हैं। इससे आपको सांस लेने में आसानी होगी।
गर्म सिकाई करें : सर्दी की वजह से आपकी नाक बंद हो सकती है। इससे सिर दर्द जैसी समस्या हो जाती है। ऐसे में आप गर्म कपड़े से सिर की सिकाई करें। आपको राहत मिलेगी (4)।
भांप लें : जुकाम की वजह से नाक बंद होने के कारण सांस लेने में तकलीफ होती है। ऐसे में आप गर्म पानी से भांप लें। बंद नाक से आपको राहत मिलेगी और आप ठीक से सांस ले पाएंगी। आप गर्म पानी में यूकेलिप्टस तेल की कुछ बूंदें डालें और सिर को तौलिये ऐसे ढकें कि भाप बाहर न जा सके। फिर भाप के ऊपर मुंह ले जाकर गहरी सांस लेने की कोशिश करें। इस दौरान अपनी आंखें बंद रखें।
नींबू का रस और शहद : गले में खराश से राहत पाने के लिए यह बेहतरीन उपाय है। इसके लिए आप एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद और थोड़ा-सा नींबू का रस मिलाएं और धीरे-धीरे करके इस पानी को पिएं।
ताजा लहसुन खाएं : लहसुन में एंटीवायरल गुण होते हैं (5), जो वायरस को खत्म करने में मदद करते हैं। आप रोजाना लहसुन की एक कली खा सकती हैं।
घरेलू उपचार जानने के बाद हम बात करेंगे सूखी खांसी और सामान्य खांसी की।
गर्भावस्था के दौरान सर्दी-जुकाम और खांसी के लिए दवाएं
यूं तो डॉक्टर प्रेगनेंसी में सर्दी-जुकाम की दवा ज्यादातर नहीं देते, लेकिन अगर समस्या ज्यादा बढ़ जाती है, तो कुछ दवाएं आपको दी जा सकती हैं। साथ ही ध्यान रहे कि गर्भावस्था की पहली तिमाही में कोई भी दवा या सीरप नहीं देना चाहिए। इससे गर्भपात और कंजेनिटल अनोमालीज होने की आशंका रहती है। आइए, कुछ दवाओं के बारे में जानते हैं (7):
एसिटामिनोफेन, यह दवाई सर्दी के कारण होने वाले बुखार में दी जा सकती है (8)।
सूडोफेड्रीन
लोरैटैडाइन।
मेंथोल या नॉन मेंथोल वाला कफ सिरप।
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