मां बनना दुनिया का सबसे अनमोल सुख है। अपने अंदर एक और जिंदगी को पोषित करने का जो सुख है, उसकी किसी अन्य सुख से कल्पना तक नहीं की जा सकती। लेकिन यह सफर आसान बिल्कुल भी नहीं है। एक प्रेगनेंट महिला को इस अवस्था में अपने खान-पान और सेहत के साथ-साथ सही तरह से चलने-फिरने और उठने-बैठने का भी ध्यान रखना पड़ता है। लेकिन जब बात हो सोने की तो क्या आप जानती हैं कि प्रेगनेंट महिलाओं को बाईं तरफ करवट लेकर सोना चाहिए? इसकी एक खास वजह है।
प्रेग्नेंसी के शुरुआती दिनों में तो नींद अच्छी तरह आ जाती है, लेकिन डिलिवरी की डेट नजदीक आते-आते समस्या गंभीर होती चली जाती है। ऐसा कई वजहों से हो सकता है जैसे कि टांगों में दर्द, पेट का बढ़ता साइज, कॉन्सटिपेशन और या फिर छाती में चुभन। लेकिन अच्छी और पूरी नींद लेना मां और होने वाले बच्चे के लिए बेहद ज़रूरी है।
दाईं तरफ करवट लेकर न सोएं
ज़्यादातर प्रेगनेंट महिलाएं कमर के बल सोती हैं। लेकिन प्रेग्नेंसी के दौरान इस अवस्था में सोने के लिए मना किया जाता है। जब पेट में एक और ज़िंदगी पल रही हो तब इसका ख्याल रखना और भी ज़रूरी हो जाता है। कुछ अध्ययनों में बताया गया है कि प्रेग्नेंसी की सभी स्टेजों के दौरान साइड की करवट लेकर सोना सही है। इससे आप न सिर्फ अच्छी तरह से सांस ले पाएंगी बल्कि आपकी बॉडी भी नॉर्मल तरीके से फंक्शन करेगी। हालांकि अमेरिकन प्रेग्नेंसी असोसिएशन के मुताबिक, सोने के लिए सबसे बेस्ट पोज़िशन है लेफ्ट साइड। यानी प्रेगनेंट महिलाओं को बाईं तरफ करवट लेकर सोना चाहिए।
गर्भवती महिलाएं बायीं करवट क्यों सोती हैं?