1- लंबे समय तक बैठने से बचें. अगर आपका काम ज्यादा देर तक बैठे रहने का है तो स्टूल पर पैर रखकर बैठें और कमर के पीछे तकिया जरूर लगाएं. इससे आपकी बैक को सपोर्ट मिलेगा.
2- कैल्शियम और विटामिन डी वाली चीजों को पर्याप्त मात्रा में सेवन करें. दूध, दही और पनीर वगैरह लें. हरी पत्तेदार सब्जियों को अपने डाइट प्लान में शामिल करें. रोजाना 10 बजे से पहले थोड़ी देर के लिए धूप में जरूर बैठें. अगर आपको डाइट या प्राकतिक स्रोतों से कैल्शियम नहीं मिल पा रहा है तो आप डॉक्टर की सलाह पर सप्लीमेंट लें.
3- विशेषज्ञ की सलाह से हल्के व्यायाम करें. व्यायाम आपके बढ़ते वजन को नियंत्रित करने के साथ मांसपेशियों को लचीला बनाते हैं. रोजाना कुछ देर टहलने की आदत डालें.
4- आप घर के किसी सदस्य की मदद से मालिश करवाएं. मालिश से मांसपेशियों को काफी आराम मिलता है और दर्द में राहत मिलती है. मालिश के बाद सिंकाई कराने से ज्यादा आराम महसूस होगा.
5- बाईं करवट लेकर सोने की आदत डालें. सोते समय कमर के नीचे तकिए का सपोर्ट लें. इससे भी कमर दर्द में राहत मिलती है. इसके अलावा दोनों पैरों के बीच भी तकिया लगाकर सोने से आराम मिलता है. लेटने के बाद एकदम से झटके के साथ न उठें. इससे आपकी समस्या बढ़ भी सकती है.
6- बहुत देर तक खड़े रहकर करने वाला कोई काम मत कीजिए. बीच बीच में बैठ जाइए. पैरों पर बहुत ज्यादा वजन न पड़ने दें.
गर्भवती महिलाओं को कमर में दर्द क्यों होता है?