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गर्भवती होने पर आपको करवट लेकर सोना कब शुरू करना चाहिए?

Language: Hindi | Published: 22 Oct 2022 | Views: 15
गर्भवती होने पर आपको करवट लेकर सोना कब शुरू करना चाहिए?
गर्भवती होने पर आपको करवट लेकर सोना कब शुरू करना चाहिए?
पहली तिमाही में सोने का सही तरीका
चूंकि, प्रेग्नेंसी के पहली तिमाही में यूटरस का आकार अधिक बड़ा नहीं होता है, इसलिए इन तीनों पोजीशन में सोया जा सकता है. अधिक परेशानी भी महसूस नहीं होती है. हालांकि, आप दायीं तरफ होकर सोएंगी तो अधिक आराम महसूस होगा.

दूसरी तिमाही में सोने का सही तरीका
प्रेग्नेंसी के 4-6 महीने के बीच पेट के बल सोने से बचना चाहिए. यदि आपको पेट के बल सोने का मन भी करता है, तो आप ऐसा 16 सप्ताह तक सो सकती हैं, लेकिन उसके बाद आप भूलकर भी इस स्लीपिंग पोजीशन में ना सोएं. चौथे महीने में पेट का आकार बढ़ जाता है, जिससे पेट के बल सोने से यूटरस और ब्लड वेसल्स पर दबाव पड़ता है. साथ ही पीठ के बाल सोना भी दूसरी तिमाही से बंद कर दें. इससे यूटरस शरीर में ऑक्सीजनेटेड ब्लड को पहुंचाने वाले मुख्य ब्लड वेसल्स को ब्लॉक कर सकता है. इस स्थिति में शिशु और प्लेसेंटा में भी रक्त सप्लाई बाधित हो सकती है. इससे आपको चक्कर, मतली, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. प्रेग्नेंसी के दूसरी तिमाही में सबसे बेस्ट पोजीशन है एक साइड होकर सोना. खासकर, 20वें सप्ताह से इस पोजीशन में सोना शुरू कर देना चाहिए.

तीसरी तिमाही में सोने का सही तरीका
तीसरी तिमाही में आपको सिर्फ एक साइड (बायीं तरफ) होकर ही सोना चाहिए, क्योंकि इस दौरान पेट का आकार भी बढ़ जाता है. आपको पेट या पीठ के बल सोने से असहज महसूस हो सकता है. इससे प्लेसेंटा, किडनी, धड़ (torso) आदि में रक्त की आपूर्ति सही से होती है. तो आप प्रेग्नेंसी के तीनों तिमाही में अपने सोने की स्थिति का खास ध्यान रखें. प्रत्येक दिन प्रॉपर नींद लें. कम से कम 8 घंटे की नींद एक गर्भवती महिला को जरूर लेनी चाहिए.
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