प्रेगनेंसी में डायबिटीज से बचना है तो सिर्फ इतना ही मीठा खाएं, वरना पछताना पड़ेगा
गर्भावस्था में मीठा खाने की क्रेंविंग होना लाजिमी है लेकिन प्रेगनेंसी में महिलाओं को यह समझना चाहिए कि इस समय उनके और गर्भस्थ शिशु के लिए कितनी मात्रा में शुगर लेना सही होता है।
sugar craving.
गर्भावस्था में बहुत कुछ खाने का मन करता है और इस दौरान मीठा खाने की क्रेविंग भी बहुत होती है। हालांकि, इस समय महिलाओं को शुगर खाने को लेकर बहुत सावधान रहना पड़ता है क्योंकि ज्यादा चीनी खाने से मां और गर्भस्थ शिशु को नुकसान पहुंच सकता है।
अगर आपका भी प्रेगनेंसी में मीठा या ज्यादा शुगर खाने का मन करता है जो यहां जान लीजिए कि गर्भावस्था में कितनी मात्रा में शुगर खाना सही रहता है।
प्रेगनेंसी में मीठा खा सकते हैं
आप गर्भावस्था में शुगर और मीठी चीजें खा सकती हैं लेकिन अधिक मात्रा में नहीं। वहीं अगर जेस्टेशनल डायबिटीज है तो मीठे खाने को लेकर आपको और ज्यादा सावधान रहना पड़ता है। कैंडी, कुकीज, केक और सॉफ्ट ड्रिंक में शून्य पोषण और अधिक मात्रा में रिफाइंड शुगर होती है। रोज मीठी चीजें खाने की बजाय आपको साबुत अनाज, फल और सब्जियां खानी चाहिए।
Vomiting in early pregnancy : प्रेगनेंसी में उल्टी रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे
प्रेग्नेंसी में उल्टी रोकने का उपाय अदरक भी है। एक कप गर्म पानी में दस मिनट तक एक से दो इंच की अदरक को उबालें। इसके बाद पानी को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसे छान कर इसमें शहद मिलाकर पी लें। आप दिन में दो से तीन बार इस चाय को पी सकती हैं।
गर्भावस्था में उल्टी से बचने के लिए मुट्ठीभर पुदीने की पत्तियों को एक कप पानी में दस मिनट तक उबालें। अब पानी को ठंडा होने के लिए रख दें और फिर इसे छान लें। अब इस पानी में थोड़ा शहद मिलाकर घूंट-घूंट कर पिएं। आप पुदीने की पत्तियां चबाकर भी उल्टी को रोक सकती हैं। यह उल्टी बंद करने का उपाय दिन में दो बार कर सकते हैं।
गर्भावस्था में उल्टी बंद करने के लिए एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को के एक गिलास ठंडे पानी में मिक्स करें। इसमें शहद भी डालें और इस पानी को पी लें। रोज रात को इस पानी का सेवन करने से गर्भावस्था में होने वाली उल्टी की समस्या बंद हो जाएगी।
एप्पल साइडर विनेगर शरीर के पीएच को संतुलित रखता है और पेट में मौजूद एसिड को खत्म करता है। इस तरह मतली और मॉर्निंग सिकनेस का इलाज होता है।
उल्टी रोकने के लिए 1 से दो कीवी और एक कप पानी लें। आप चाहें तो एक केला और शहद भी ले सकते हैं। कीवी को काटकर केले और पानी के साथ ब्लेंड कर लें।
अब इसमें शहद मिलाकर पिएं। आप कीवी को कच्चा भी खा सकती हैं। जब भी मतली या उल्टी होने जैसा महसूस हो, तब इस उपाय को जरूर करें। कीवी फोलेट से प्रचुर होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह पोषक तत्व बहुत जरूरी होता है।
उल्टी रोकने के लिए दो से तीन लौंग लें और उसे एक कप पानी में दस मिनट तक उबालें। इस पानी को छानकर कुछ समय के लिए ठंडा होने रख दें।
अब इसमें थोड़ा शहद मिलाएं और लौंग की चाय पी लें। आप दिन में दो बार लौंग की चाय पी सकते हैं। लौंग में एगुनोल होता है जिसकी खुशबू और फ्लेवर उल्टी को रोकने में मदद करते हैं।
प्रेगनेंसी में शुगर की कितनी मात्रा सही है
गर्भावस्था के दौरान शुगर की मात्रा को लेकर कोई निर्धारित नियम नहीं है। इसलिए बेहतर होगा कि आप सावधानी के साथ मीठी चीजों का सेवन करें।। आपको प्रेगनेंसी में शुगर की मात्रा कितनी लेनी है, ये आपके ब्लड शुगर लेवल, वजन और मेटाबोलिक रेट पर भी निर्भर करता है। वैसे गर्भावस्था में एक दिन में 25 ग्राम से अधिक मात्रा में शुगर नहीं लेनी चाहिए।
गर्भावस्था में ज्यादा मीठा खाने के नुकसान
मीठी चीजों में कोई कैलोरी और पोषण नहीं होता है। इनमें सूक्रोज होता है जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है और महिलाओं को थकान और लो एनर्जी महसूस होती है। ज्यादा मीठा खाने से वजन भी बढ़ सकता है। गर्भावस्था में वैसे ही वजन बढ़ता है और मीठा खाने से मोटापा हो सकता है।
खाने में शुगर की मात्रा अधिक होने से एक्यूट फैटी लिवर सिंड्रोम हो सकता है। इसका असर भ्रूण का मेटाबोलिक रेट प्रभावित हो सकता है और आगे चलकर बच्चा मोटापे का शिकार हो सकता है। इससे बच्चे में टाइप 2 डायबिटीज का खतरा रहता है।
Vomiting in early pregnancy : प्रेगनेंसी में उल्टी रोकने के लिए अपनाएं ये घरेलू नुस्खे
प्रेग्नेंसी में उल्टी रोकने का उपाय अदरक भी है। एक कप गर्म पानी में दस मिनट तक एक से दो इंच की अदरक को उबालें। इसके बाद पानी को थोड़ा ठंडा होने दें और फिर इसे छान कर इसमें शहद मिलाकर पी लें। आप दिन में दो से तीन बार इस चाय को पी सकती हैं।
गर्भावस्था में उल्टी से बचने के लिए मुट्ठीभर पुदीने की पत्तियों को एक कप पानी में दस मिनट तक उबालें। अब पानी को ठंडा होने के लिए रख दें और फिर इसे छान लें। अब इस पानी में थोड़ा शहद मिलाकर घूंट-घूंट कर पिएं। आप पुदीने की पत्तियां चबाकर भी उल्टी को रोक सकती हैं। यह उल्टी बंद करने का उपाय दिन में दो बार कर सकते हैं।
गर्भावस्था में उल्टी बंद करने के लिए एक चम्मच एप्पल साइडर विनेगर को के एक गिलास ठंडे पानी में मिक्स करें। इसमें शहद भी डालें और इस पानी को पी लें। रोज रात को इस पानी का सेवन करने से गर्भावस्था में होने वाली उल्टी की समस्या बंद हो जाएगी।
एप्पल साइडर विनेगर शरीर के पीएच को संतुलित रखता है और पेट में मौजूद एसिड को खत्म करता है। इस तरह मतली और मॉर्निंग सिकनेस का इलाज होता है।
उल्टी रोकने के लिए 1 से दो कीवी और एक कप पानी लें। आप चाहें तो एक केला और शहद भी ले सकते हैं। कीवी को काटकर केले और पानी के साथ ब्लेंड कर लें।
अब इसमें शहद मिलाकर पिएं। आप कीवी को कच्चा भी खा सकती हैं। जब भी मतली या उल्टी होने जैसा महसूस हो, तब इस उपाय को जरूर करें। कीवी फोलेट से प्रचुर होता है। गर्भवती महिलाओं के लिए यह पोषक तत्व बहुत जरूरी होता है।
उल्टी रोकने के लिए दो से तीन लौंग लें और उसे एक कप पानी में दस मिनट तक उबालें। इस पानी को छानकर कुछ समय के लिए ठंडा होने रख दें।
अब इसमें थोड़ा शहद मिलाएं और लौंग की चाय पी लें। आप दिन में दो बार लौंग की चाय पी सकते हैं। लौंग में एगुनोल होता है जिसकी खुशबू और फ्लेवर उल्टी को रोकने में मदद करते हैं।
ज्यादा मीठा खाने का शिशु पर प्रभाव
मीठी और कार्बोहाइड्रेट युक्त अधिक चीजें खाने से शिशु के विकास पर प्रभाव पड़ सकता है। खून में अधिक शुगर होने से जेस्टेशनल डायबिटीज या टाइप 2 डायबिटीज अनियंत्रित हो सकती है जिसका शिशु पर गलत असर पड़ता है।
यदि अधिक शुगर प्लेसेंटा से शिशु को नुकसान पहुंचा सकती है और भ्रूण में ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा सकती है। इससे शिशु के खून में इंसुलिन ज्यादा बन सकता है और शिशु का आकार बढ़ सकता है। इस स्थिति को मैक्रोसोमिया कहते हैं।
वहीं, शिशु का आकार बड़ा होने पर सिजेरियन डिलीवरी और प्रीमैच्योर डिलीवरी की जरूरत पड़ सकती है।
मीठा खाने से दस्त या एसिडिटी हो सकती है
मीठी चीजों से एसिडिटी नहीं होती है लेकिन इससे पहले से हो रही एसिडिटी और खराब हो सकती है। चॉकलेट, खट्टे फलों, पुदीने, फैटी फूड और कैफीन वाले पेय पदार्थों में शुगर पाई जाती है। ये चीजें एसिडिटी पैदा कर सकती हैं इसलिए इनका सेवन न करें।
वहीं, प्रेगनेंट महिलाओं को दस्त होने पर मीठी चीजें ज्यादा नहीं खानी चाहिए। इससे पेट में मौजूद पानी अधिक मात्रा में निकल जाता है और स्थिति खराब हो जाती है।
गर्भवती होने पर मुझे इतनी चीनी क्यों चाहिए?