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गर्भावस्था के दौरान मेरा हीमोग्लोबिन क्यों नहीं बढ़ रहा है?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 17
गर्भावस्था के दौरान मेरा हीमोग्लोबिन क्यों नहीं बढ़ रहा है?
मां बनने के दौरान शरीर में कई तरह की जटिलताएं आती हैं. जब आप प्रेग्नेंट होती हैं तो इस बात की आशंका हमेशा बनी रहती है कि आपमें खून की कमी या एनीमिया हो सकता है। दरअसल, जब एनीमिया होती है तो हेल्दी ब्लड सेल्स नहीं बनते. यानी ब्लड सेल्स में हीमोग्लोबिन की मात्रा बहुत कम हो जाती है. चूंकि हीमोग्लोबिन ही ऑक्सीजन को शरीर के सभी अंगों तक पहुंचाता है, इसलिए ऑक्सीजन को आपके शरीर के विभिन्न अंगों और बच्चे तक पहुंचने में दिक्कत होती है. प्रेग्नेंसी के दौरान बॉडी खून को ज्यादा बनाती है ताकि बच्चे का विकास हो सके. वेबएमडी के मुताबिक जब शरीर में आइरन या अन्य पोषक तत्वों की कमी हो जाती है तो खून का बनना भी कम हो जाता है. प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं में हीमोग्लोबिन यानी HB का लेवल ज्यादा होना चाहिए. प्रेग्नेंट महिलाओं में हीमोग्लोबिन का लेवल 12 से कम नहीं होना चाहिए. अगर 11 से कम हो तो इसका मतलब है कि आपको एनीमिया है. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो मां और बच्चे दोनों की सेहत को खतरा हो सकता है.

हीमोग्लोबिन कमी के लक्षण क्या हैं
प्रेग्नेंसी के दौरान अगर शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी हो जाए तो सबसे ज्यादा थकान रहती है.
घबराहट और कमजोरी महसूस होती है. .
त्वचा, होंठ और नाखून पीले पड़ने लगते हैं.
कभी-कभी चक्कर भी आने लगता है.
सांस लेने में कभी-कभी दिक्कत हो सकती है, सांस फूलने लगता है.
दिल की धड़कन तेज हो सकती है.
किसी चीज पर ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है.
Mini Workout Benefits: वजन कम करने के लिए डाइट के साथ एक्‍सरसाइज अहम भूमिका निभाती है. वेरीवैल फिट के अनुसार सिर्फ बॉडी को एक्टिव रखने से वजन कम नहीं होता. वजन कम करने के लिए प्रॉपर फिटनेस रुटीन फॉलो करना पड़ता है जिससे कैलारी बर्न करने में मदद मिलती है. यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार व्‍यस्‍कों को एक हफ्ते में कम से कम 150 मिनट की मॉडरेट इंटेनसिटी एरोबि‍क एक्‍सरसाइज करनी चाहिए. हालांकि वर्कआउट के लिए समय निकालना हर किसी के लिए संभव नहीं होता. ऐसे में मिनी वर्कआउट को लाइफस्‍टाइल का हिस्‍सा बनाया जा सकता है.

क्‍या है मिनी वर्कआउट
मिनी वर्कआउट 10 से 15 मिनट का वर्कआउट सेशन होता है जो कभी भी और कहीं भी किया जा सकता है. अधिकतर लोगों का मानना है कि वजन घटाने के लिए 45-60 मिनट के लंबे वर्कआउट सेशन की आवश्‍यकता होती है. लेकिन दिनभर में किए गए मिनी वर्कआउट भी उतने ही फायदेमंद हो सकते हैं. पूरे दिन एक्टिव रहने से काफी कैलोरी बर्न की जा सकती है. साथ ही इसके कई हेल्‍थ बेनिफिट्स भी हैं. मिनी वर्कआउट में व्‍यक्ति अपनी पसंद के किसी भी हाई इंटेनसिटी वर्कआउट एक्टिविटी को शामिल कर सकता है.


मिनी वर्कआउट एक्‍सरसाइज
पुशअप्‍स
वैरीवैलफिट के मुताबिक पुशअप्‍स एक बेहतरीन एक्‍सरसाइज है कोर और अपर बॉडी को टोन करने के लिए. पुशअप्‍स को 10-15 बार दोराया जा सकता है और इसके 3-4 सेट करने से काफी कैलोरी बर्न की जा सकती है.

लॉन्‍जेस
पैरों और पेट को मजबूती देने के लिए लॉन्‍जेस एक्‍सरसाइज की जा सकती है. लॉन्‍जेस करने से पैरों का फैट बर्न होता है और लोअर बॉडी शेप में आ सकती है. इस एक्‍सरसाइज को 15-20 बार दोहराया जा सकता है. इसके भी 3-4 सेट लगाए जा सकते हैं.

ग्‍लूट ब्रिज
ग्‍लूट ब्रिज कम समय में अच्‍छा रिजल्‍ट दे सकती है. जैसा कि नाम से ही प्रतीत हो रहा है कि इसमें व्‍यक्ति का शरीर एक ब्रिज के समान बन जाता है. इससे हिप्‍स और पेट का फैट कम करने में मदद मिलती है. इसे 30 सेंकेड तक होल्‍ड करके किया जा सकता है.

जंपिंग जेक
जंपिंग जेक एक बेहतरीन एक्‍सरसाइज है जिसे कहीं भी किया जा सकता है. इसे करने से ओवरऑल बॉडी फैट को कम किया जा सकता है. जंपिंग जेक को 30 बार दोहराने से काफी कैलोरी बर्न की जा सकती हैं. इसके 3-4 सेट दोहराए जा सकते हैं.
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