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गर्भावस्था में कितनी आयरन की गोलियों का सेवन करना चाहिए?

Language: Hindi | Published: 29 Jun 2021 | Views: 24
गर्भावस्था में कितनी आयरन की गोलियों का सेवन करना चाहिए?
हर गर्भवती महिला को खिलाएं आयरन की 360 गोली
मातृ-मृत्युदर को कम करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मियों को विशेष पहल करनी चाहिए। इसके

मातृ-मृत्युदर को कम करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों व कर्मियों को विशेष पहल करनी चाहिए। इसके लिए खून की कमी वाली महिलाओं की खोज करनी होगी। सेहत की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए मिलकर प्रयास करना चाहिए।

शनिवार को सीएमओ कार्यालय के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण में कर्मियों को संबोधित करते हुए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. राकेश अग्रवाल ने कहा कि मातृ-मृत्युदर को कम करने के लिए कई स्तर पर योजनाएं चलाई जा रही हैं। इसकी सतत निगरानी की जाए। जिससे महिलाओं की ¨जदगी को बचाया जा सके। जिला कार्यक्रम प्रबंधक अमरनाथ ने कहा कि एक अनुमान के मुताबिक यूपी की ग्रामीण आबादी में गर्भवती महिलाओं में से 5 प्रतिशत तक गंभीर रक्ताल्पता से पीड़ित हो सकती है। इस दर से एक वर्ष में 5 हजार की आबादी वाले उपकेंद्र के क्षेत्र में 12-15 गंभीर रक्ताल्पता से ग्रसित गर्भवती माताएं हो सकती हैं। ऐसे में इन गर्भवती महिलाओं का समय से चिन्हांकन कर उपचार करके मातृ मृत्युदर में कमी लाई जा सकती है। कार्यशाला में नीलम श्रीवास्तव के साथ ही डॉ. परमानंद राय, डॉ. एसके यादव के साथ ही अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद थे।

क्यों जरूरी है कैल्शियम
- गर्भावस्था में पोषक तत्वों की आवश्यकता बढ़ जाती है। इस दौरान पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम लेने से समय से पूर्व नवजात की मृत्यु को रोका जा सकता है। कैल्शियम लेने से माता की हड्डियां मजबूत होती है। मां के दूध में कैल्शियम की मात्रा बढ़ने से नवजात की हड्डियों का विकास भी अच्छा होता है।

इनका रखें ख्याल

- प्रत्येक गर्भवती महिला को कुल 360 आयरन की गोली का सेवन करना चाहिए। 180 गोली प्रसव से पहले व 180 गोली प्रसव के बाद 6 महीने तक लेनी चाहिए।

- सभी गर्भवती महिलाओं को द्वितीय व तृतीय त्रैमास में सामान्य परिस्थितियों में प्रतिदिन एक आयरन की गोली दी जाए। एनीमिया ग्रसित गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन दो आयरन की गोली दी जाए।

- सभी गर्भवती महिलाओं को 500 मिलीग्राम कैल्शियम की दो गोली प्रतिदिन दी जाए। यह खुराक चौथे माह की गर्भावस्था से आरंभ होकर प्रसव के छह माह बाद तक निरंतर दी जानी है।

- कैल्शियम की एक गोली सुबह एवं दूसरी गोली रात्रि खाने के साथ दी जानी है। यह दोनों गोलियां एक साथ नहीं ली जा सकती है। क्योंकि 800 मिलीग्राम से अधिक कैल्शियम लेने पर आंतों से आयरन का अवशोषण कम हो जाता है।

- कैल्शियम की गोली खाली पेट लेने से दर्द हो सकता है। कैल्शियम व आयरन की गोली एक साथ नहीं लेनी चाहिए। आयरन की गोली खाने के दो घंटे के बाद ही लेनी चाहिए।

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