प्रमुख लक्षण
पेट के नीचे के हिस्से में भारीपन महसूस होना, योनिद्वार के बाहर किसी प्रकार की संरचना नजर आना, मल-मूत्र त्यागने में परेशानी, सिरदर्द, कमरदर्द, बार-बार पेशाब आना, कब्ज और चलने में तकलीफ होने जैसे प्रमुख लक्षण होने लगते हैं।
ये हैं वजह
बार-बार गर्भधारण, बढ़ती उम्र में मांसपेशियों का कमजोर होना, मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन की कमी, लंबे समय तक खांसी, अत्यधिक या भारी वजन उठाना, गर्भाशय के पास किसी प्रकार की चोट, कब्ज या बवासीर के कारण भी यह परेशानी हो सकती है।
ध्यान रहे
बार-बार प्रेग्नेंसी व गर्भपात से बचें, वजन न बढऩे दें, पेट साफ रखें और कब्ज न होने दें। फाइबर युक्त भोजन जैसे फल, दालें, मक्का, पालक आदि खाएं। मेनोपॉज के बाद किसी भी प्रकार की तकलीफ होने पर डॉक्टर से संपर्क कर उचित उपचार लें। डॉक्टरी सलाह से नियमित रूप से व्यायाम करें।
गर्भाशय का नीचे आना?