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ग्राइप वाटर कब देना चाहिए?

Language: Hindi | Published: 18 Oct 2022 | Views: 27
ग्राइप वाटर कब देना चाहिए?
ग्राइप वाटर क्या है?
ग्राइप वाटर एक पेय पदार्थ होता है, जिसे सौंफ, मुलेठी, इलायची, कैमोमाइल, अदरक, नींबू बाम, शुद्ध पानी और ग्लिसरीन जैसी जड़ी-बूटियों को मिलाकर बनाया जाता है। यह बच्चे को होने वाली गैस की समस्या से आराम दिलाता है। यह बच्चे की पाचन क्रिया को बेहतर कर उन्हें आराम देता है और गैस के साथ-साथ पेट की अन्य समस्याओं से राहत दिलाने में भी मदद कर सकता है। हालांकि, वैज्ञानिक शोध के अनुसार ग्राइप वाटर शिशु को देना सही नहीं है (1), लेकिन पारंपरिक मान्यताओं के आधार पर शिशु को ग्राइप वाटर दिया जा रहा है। इसलिए, आप डॉक्टर की सलाह के बाद ही शिशु को ग्राइप वाटर दें। हम आपको ग्राइप वाटर से संबंधित कुछ जरूरी बातों की जानकारी इस लेख में दे रहे हैं, जिससे आपकी दुविधा कुछ हद तक कम हो सकती है।

लेख के अगले भाग में हम बता रहे हैं कि शिशु के लिए ग्राइप वाटर सुरक्षित है या नहीं।
बच्चों को ग्राइप वाटर कब देना चाहिए ?

वैसे तो जब शिशु चिड़चिड़ा हो रहा हो, लगातार रो रहा हो, पेट में गैस की तकलीफ हो रही हो, तब उसे ग्राइप वाटर दे सकते हैं। साथ ही ध्यान रहे कि आपका शिशु एक महीने से कम का न हो। एक महीने से छोटे शिशु के लिए ग्राइप वाटर देना सही नहीं है, क्योंकि इस दौरान शिशु का पाचन तंत्र संवेदनशील और कमजोर होता है, जिस कारण उसे समस्या हो सकती है। बेहतर यही है कि अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर कर लें। डॉक्टर आपके शिशु की परेशानी को समझकर सही राय देंगे।

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