बहस न करें
अगर आप बात-बात पर बच्चों से बहस करते हैं, तो जिद्दी बच्चों को बहस करने की आदत हो जाती है. इससे वो बहस करने के लिए हर वक्त तैयार रहते हैं. इसलिए उनको बहस करने का मौका न दें और उनकी बात को ध्यान से सुनें. जब आप बच्चों की बात सुनने लगेंगे तो वो भी आपकी बात पर ध्यान देने की कोशिश करेंगे और जिद कम करेंगे.
बच्चा नहीं मानता आपकी बात तो अपनाएं ये 5 ट्रिक, उसी वक्त से सुनने लगेंगे आपकी बात
* आपकी बातचीत का तरीका हो पॉजिटिव
* सोच-समझकर करें शब्दों का चयन
* तेज आवाज में न करें बात
* तरीके सुझाएं, प्यार से समझाएं
* शिष्टाचार का पाठ पढ़ाएं
* स्वीकृति दिखाएं
जब बच्चे बात न माने तो क्या करे?