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जुड़वा गर्भावस्था 4 महीने?

Language: Hindi | Published: 24 Feb 2022 | Views: 18
जुड़वा गर्भावस्था 4 महीने?
गर्भ में पल रहे शिशु के सही विकास और पोषण के लिए संतुलित और हेल्‍दी आहार बहुत जरूरी होता है। हेल्‍दी डाइट से मां और बच्‍चा दोनों स्‍वस्‍थ रहते हैं। वहीं अगर जुड़वा बच्‍चे हों, तो पोषण की मात्रा तीन गुना बढ़ जाती है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको ज्‍यादा मात्रा में खाना है बल्कि आपको रोज अपने आहार में कई तरह की चीजों को शामिल करना है जिससे जुड़वा बच्‍चों के पोषण की पूर्ति की जा सके।

आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बता रहे हैं कि जुड़वा बच्‍चे होने पर गर्भवती महिला को अपने आहार में किन पोषक तत्‍वों को शामिल करना चाहिए।
​कितनी चाहिए कैलोरी

ट्विन प्रेग्‍नेंसी में गर्भावस्‍था की पहली तिमाही में आपको दिनभर में लगभग 300 कैलोरी लेनी चाहिए। वहीं प्रेग्‍नेंसी की दूसरी तिमाही में 680 कैलोरी और गर्भावस्‍था की तीसरी तिमाही में 900 कैलोरी लेनी चाहिए। कैलोरी लेने से मां और बच्‍चे को सही तरह का पोषण मिल पाता है।

अपने खाने में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं लेकिन इसमें वैरायटी भी खूब रखें ताकि रोज एक ही तरह की चीजें खाकर आप बोर ना हों। इस समय आपको रोजाना 70 से 100 ग्राम प्रोटीन की जरूरत होगी जिसे आप चिकन, नट्स, योगर्ट, दूध, चीज और टोफू से पूरा कर सकती हैं।

प्रेग्‍नेंसी में एनीमिया का खतरा बना रहता है जिसे शरीर में आयरन की पूर्ति कर के पूरा किया जा सकता है। आयरन एनीमिया, हाइपरटेंशन और प्रीटर्म डिलीवरी के खतरे को कम करता है।

जुड़वा बच्‍चे होने पर गर्भवती मां को दिनभर में 30 मि.ग्रा आयरन की जरूरत होती है जो कि रेड मीट, सीफूड, नट्स और फोर्टिफाइड अनाज से मिल सकता है।

मजबूत दांतों और हड्डियों के लिए कैल्शियम बहुत जरूरी होता है। प्रेग्‍नेंसी में पर्याप्‍त मात्रा में कैल्शियम लेने से मां और बच्‍चे दोनों की हड्डियों और दांतों को लाभ मिलता है। इस समय आपको रोजाना 1,500 से 2,500 मि.ग्रा कैल्शियम की जरूरत होती है। दूध, दही, पालक, केल और भिंडी से इसकी पूर्ति की जा सकती है।

कार्बोहाइड्रेट सिंपल शुगर जैसे कि ग्‍लूकोज के रूप में टूट जाता है। इससे गर्भस्‍थ शिशु को एनर्जी मिलती है। इस समय आपको दिनभर में 300 से 400 ग्राम कार्बोहाइड्रेट की जरूरत होती है जिसे ब्रेड, आलू, पास्‍ता, चावल और अनाज से पूरा किया जा सकता है।

प्रेग्‍नेंसी में फोलिक एसिड लेने से शिशु में रीढ़ की हड्डी और मस्तिष्‍क के जन्‍म विकारों को पैदा होने से रोका जा सकता है। डॉक्‍टर बताते हैं कि प्रेग्‍नेंसी की हर तिमाही में महिला को अलग-अलग मात्रा में फोलिक एसिड की जरूरत होती है। पालक, एस्‍पैरेगस, संतरा और चकोतरा में फोलिक एसिड होता है।

दिनभर में खूब पानी पिएं ताकि शरीर में पानी की कमी ना हो। आपको रोजाना कम से कम दस गिलास पानी पीना है। पर्याप्‍त मात्रा में पानी पीने से शरीर हाइड्रेट रहता है और टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं।

इसके अलावा प्रेग्‍नेंसी में आपको विटामिन सप्‍लीमेंट पर भी ध्‍यान देना है। अधिकतर महिलाओं को संतुलित आहार की मदद से पर्याप्‍त पोषक तत्‍व मिल जाते हैं। हालांकि, अगर आपके शरीर में किसी विटामिन की कमी है, तो उसे सप्‍लीमेंट द्वारा पूरा किया जाता है। प्रेगनेंट महिला डॉक्‍टर की सलाह पर आयरन, आयोडीन, फोलिक एसिड, विटामिन डी और विटामिन सी आदि के सप्‍लीमेंट ले सकती हैं।
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