ट्विन्स का पता कब चलता है?
छठे सप्ताह या सातवें हफ्ते में पहला अल्ट्रासाउंड में अल्ट्रासाउंड होता है, जिसमें पता चलता है कि प्रेगनेंसी सिंगल है ट्विन्स ( जुड़वा बच्चा ).
गर्भावस्था के शुरुआत में दिखें ये लक्षण तो हो सकते हैं जुड़वा बच्चे:-
मॉर्निंग सिकनेस – गर्भ में अगर जुड़वा बच्चे हैं तो प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षणों में ही काफी मात्रा में मॉर्निंग सिकनेस होती है। सामान्य गर्भवती महिलाओं की तुलना में जुड़वा बच्चों वाली महिलाएं ज्यादा मॉर्निंग सिकनेस का अनुभव करती हैं।
वजन ज्यादा होना – जुड़वा बच्चों से गर्भधारण में महिला का वजन सामान्य गर्भावस्था की तुलना में ज्यादा होता है। ऐसा इसलिए क्योंकि गर्भ में दो बच्चे, दो प्लेसेंटा और ज्यादा एम्नियोटिक फ्लूड के साथ होते हैं। सामान्य गर्भधारण में वजन 25 पाउंड जबकि जुड़वा गर्भधारण में वजन 30-35 पाउंड के बीच हो सकता है।
दो धड़कनें – बच्चे के जन्म से पहले डॉप्लर प्रणाली के तहत उनके दिल की धड़कनों को सुना जा सकता है। प्रेग्नेंसी के नौंवे हफ्ते से बच्चों के दिल की धड़कन अलग-अलग सुनी जा सकती है। हालांकि, दोनों के दिल की धड़कन को अलग-अलग सुन पाना थोड़ा कठिन होता है।
समयपूर्व प्रसव – जुड़वा गर्भावस्था के साथ महिलाओं में समय से पहले डिलिवरी होने की अधिक संभावना होती है। लेबर पेन गर्भावस्था के 36 या 37 सप्ताह के बीच में हो सकते है। इस के अलावा, जुड़वां गर्भावस्था में बच्चे ज्यादातर ब्रीच स्थिति में होते है जिस कारण डिलिवरी नॉर्मल की जगह सिजेरियन होने की संभावना बढ़ जाती है।
भूख ज्यादा लगना – जुड़वा गर्भधारण के दौरान महिला को हमेशा भूख लगी रहती है। सामान्य गर्भधारण से ज्यादा जुड़वा गर्भधारण में महिला को पोषक तत्वों की जरूरत होती है।