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दूध पिलाने के बाद मैं अपने बच्चे का मुंह कैसे साफ करूं?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 16
दूध पिलाने के बाद मैं अपने बच्चे का मुंह कैसे साफ करूं?
मुझे कैसे पता चलेगा कि स्तनपान के लिए शिशु ने सही ढंग से स्तन मुंह में लिया है?

शिशु को स्तनपान करवाते समय अगर आपको दर्द महसूस हो, तो यह संकेत है कि आपके शिशु ने स्तन को सही ढंग से मुंह में नहीं लिया है। शिशु को स्तनपान करवाते वक्त शुरू में दूध उतरने के समय होने वाली झुनझुनी और चुभन के बाद आपको किसी प्रकार का दर्द नहीं होना चाहिए।

अगर आपको दर्द महसूस हो रहा है तो अपने स्तन और बच्चे के मुंह के बीच में धीरे से उंगली डालकर सील तोड़ें। इसके बाद फिर से कोशिश करें। दर्द के बावजूद अगर आप शिशु को दूध पिलाती रहेंगी तो आपके निप्पल पर जख्म हो सकता है।

आपका शिशु स्तन को सही ढंग से मुंह में लेकर दूध पीए (लैचिंग), इसके लिए थोड़े अभ्यास की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन एक बार आपने इसकी तरकीब सीख ली तो यह अाप दोनों के लिए आसान रहेगा।

अपने शिशु को सही ढंग से दूध पिलाने के लिए यह काम करें:

पीठ पर अच्छा सहारा लेकर आराम से बैठें या लेट जाएं
अपने शिशु को ऐसी स्थिति में लाएं कि उसका चेहरा आपकी तरफ हो और उसके कान, कंधे और कूल्हे एक सीध में हों
देखें कि आपके स्तन को पूरी तरह मुंह में लेने के लायक शिशु का मुंह खुला है या नहीं
सुनिश्चित करें कि शिशु की जीभ, निचला होठ और ठोडी सबसे पहले आपके स्तन को स्पर्श करें
एक बार स्तन मुंह में ले लेने पर उसकी ठोडी आपके स्तन को स्पर्श करनी चाहिए, जबकि नाक खुली रहे


इन कार्यों से शिशु को बेहतर तरीके से स्तनपान करवाने में मदद मिलेगी। उसे भी शुरू से ही काफी दूध मिल पाएगा। शिशु को अपनी गोद में आरामदायक स्थिति में लेटाने के लिए आप स्तनपान के लिए विशेष तौर पर आने वाले तकिये (नर्सिंग पिलो) का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इस प्रकार अपने शिशु को दूध पिलाने के लिए आपको नीचे नहीं झुकना पड़ेगा। कई मांओं को लगता है कि सामान्य तकिये और कुशन भी अच्छे से काम करते हैं।

शिशु को अपने स्तन के पास लाते वक्त उसकी कमर और गर्दन को पूरा सहारा दें। जब तक आपका शिशु स्तन को मुंह में लेकर दूध पीना शुरू नहीं कर देता, आपको स्तनपान के लिए ऐसी मुद्रा चुनने की जरूरत पड़ेगी, जिसमें आप उसके सिर को आसानी से सहारा दे सकें। शिशु को अपनी गोद में या फिर या फिर बाजुओं के नीचे थामने का प्रयास करें।

कुछ अवस्थाओं जैसे जैसे अर्धलेटी अवस्था में स्तनपान करवाने से आपका शिशु दूध पीने के लिए सहज प्रवृत्ति और अपने स्वत: क्रियाओं का आसानी से इस्तेमाल कर सकेगा। आपको भी यह कारगर लगेगा। इस अवस्था में आपको अधलेटी स्थिति में रहकर शिशु को अपने पेट या कंधों पर आड़ा रखना होता है।

अगर आपका शिशु तुरंत दूध पीना शुरू कर देता है तो यह अच्छा संकेत है कि वह अच्छे से दूध पी रही है। शिशु को दूध पिलाने के दौरान उसके दूध पीने की तरीके में बदलाव भी आपको महसूस होना चाहिए। वह कभी बहुत कम देर मगर बहुत जल्दी-जल्दी चूसेगा। और कभी धीमे-धीमे और लंबे घूंट गहराई से चूसेगा। दूध पीते समय वह बीच में कुछ देर के लिए रुक भी सकता है और दोबारा दूध पिलाने की कोशिश के बिना ही दूध पीना शुरू कर सकता है।

शिशु अगर कुछ घूंट दूध पीते ही सो जाए तो संभवत: उसने सही ढंग से स्तन मुंह में नहीं लिया हुआ। आपको शिशु का दूध गटकना सुनाई या दिखाई देना चाहिए।

यदि आप अपने दूध पीते शिशु की ओर नीचे देखें तो उसका सिर पीछे की तरफ ऐसे टिका होना चाहिए कि आपको अपना स्तन उसकी नाक से दूर करने के लिए दबाव न देना पड़े। अगर आपको अपने स्तन का गहरे रंग वाला घेरा (एरियोला) दिखाई देता है तो यह शिशु के ऊपरी होंठ के ऊपर दिखाई देना चाहिए, न कि निचले होंठ के नीचे।

एक बार आपका शिशु जब दूध पीना शुरू कर दे, फिर वह तब तक शांत रहना चाहिए, जब तक कि वह पर्याप्त दूध न पी ले। अगर वह इधर-उधर हिलता-डुलता रहे तो संभवत: उसने स्तन सही तरह से मुंह में नहीं लिया है।

शिशु के जन्म के तीन दिन बाद तक अगर आपका दूध उतरने के बाद तेजी से आता है तो आपको कुछ मिनटों के बाद शिशु को रोकना होगा, ताकि उसे डकार दिलवा सकें या गैस निकल सके।

कई बार दूध पीने से पहले शिशु अपना सिर इधर-उधर या ऊपर-नीचे करता रहता हैं। यह व्यवहार स्वाभाविक है। इससे उसे आपका निप्पल ढूंढने और आपके दूध को स्तन में उतरने के लिए उत्तेजित करने में मदद मिलती है।

पेट भरने के बाद शिशु या तो अपनी मर्जी से ही स्तन छोड़ देगा या फिर आप स्तन को आहिस्ता से ऊपर उठाएंगी तो वह इसे आसानी से निकलने देगा।

हालांकि, आकार अलग-अलग हो सकता है, लेकिन अगर आपका निप्पल पूरी तरह भींचा हुआ या लिपस्टिक सिरे जैसा दिखे तो संभवत: यह पूरी तरह आपके शिशु के मुंह में ज्यादा अंदर तक नहीं गया था।

अगर आपको लगता है कि शिशु ने स्तन सही ढंग से मुंह में नहीं लिया है तो मदद के लिए शिशु को सही ढंग से स्तनपान करवाने के बारे में हमारी चित्र गाइड देखें। अगर फिर भी आपको अपने शिशु को स्तनपान करवाने में समस्या आ रही है तो अकेले ही इसे झेलती न रहें। अपने डॉक्टर से मदद मांगें। या डॉक्टर से कहें कि आपको किसी स्तनपान या स्तनपान सलाहकार (लैक्टेशन स्पेशलिस्ट) के पास भेज सकती हैं।

शिशु को स्तनपान करवाने के लिए आपको थोड़े अभ्यास की जरूरत पड़ सकती है। लेकिन सहारे, धैर्य और समय के साथ यह काफी आसान हो जाएगा। एक बार आपकी शिशु ने सही तरीके से स्तनपान शुरू कर दिया तो आप पाएंगी कि वह बेहद आसानी से और खुशी-खुशी दूध पीएगा।
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