दूसरी तिमाही में सोने का सही तरीका :-
प्रेग्नेंसी के 4-6 महीने के बीच पेट के बल सोने से बचना चाहिए. यदि आपको पेट के बल सोने का मन भी करता है, तो आप ऐसा 16 सप्ताह तक सो सकती हैं, लेकिन उसके बाद आप भूलकर भी इस स्लीपिंग पोजीशन में ना सोएं. चौथे महीने में पेट का आकार बढ़ जाता है, जिससे पेट के बल सोने से यूटरस और ब्लड वेसल्स पर दबाव पड़ता है. साथ ही पीठ के बाल सोना भी दूसरी तिमाही से बंद कर दें. इससे यूटरस शरीर में ऑक्सीजनेटेड ब्लड को पहुंचाने वाले मुख्य ब्लड वेसल्स को ब्लॉक कर सकता है. इस स्थिति में शिशु और प्लेसेंटा में भी रक्त सप्लाई बाधित हो सकती है. इससे आपको चक्कर, मतली, उल्टी, सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. प्रेग्नेंसी के दूसरी तिमाही में सबसे बेस्ट पोजीशन है एक साइड होकर सोना. खासकर, 20वें सप्ताह से इस पोजीशन में सोना शुरू कर देना चाहिए.
दूसरी तिमाही में गर्भावस्था के दौरान कैसे सोएं?