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नवजात शिशु अपनी माँ को कैसे पहचान लेता है?

Language: Hindi | Published: 19 Oct 2022 | Views: 8
नवजात शिशु अपनी माँ को कैसे पहचान लेता है?
एक नवजात बच्चा अपनी मां और दूसरी औरत के स्पर्श को कैसे पहचान लेता है, यह है इसका विज्ञान
नवजात बच्चा अपनी मां के स्पर्श को पहचान लेता है. मां की आवाज को पहचानने लगता है. कभी सोचा है कि इतने कम समय में बच्चा ऐसा कैसे कर लेता है. इसी बात को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने स्टडी की. जानिए, नवजात ऐसा कैसे कर लेता है...

नवजात बच्‍चा अपनी मां के स्‍पर्श को पहचान लेता है. मां की आवाज को पहचानने लगता है. कभी सोचा है कि इतने कम समय में बच्‍चा ऐसा कैसे कर लेता है. इसी बात को समझने के लिए वैज्ञानिकों ने स्‍टडी (Research) की. स्‍टडी में कई चौंकाने वाली बात सामने आईं. अमेरिका के नेशनल इंस्‍टीट्यूट ऑफ हेल्‍थ (NIH) के जर्नल में पब्लिश रिसर्च कहती है, बच्‍चे में यह खासियत तभी विकसित होने लगती है जब वो कोख में होता है. कोख में रहते भी वह मां की आवाज को सुन सकता है. गर्भ (Uterus) में रहते हुए भी समय के साथ-साथ वो आवाज साफ पहचानने लगता है. जानिए, अमेरिकी वैज्ञानिकों रिसर्च में कौन सी चौंकाने वाली बातें सामने आई

नवजातों में यह पहचानने की क्षमता होती है कि उसे मां स्‍तनपान करा रही है या कोई दूसरी औरत. वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में इसका तर्क भी दिया है. आसान भाषा में समझें तो गर्भ में पलने के दौरान बच्‍चा एक थैली में होता है जिसके चारों तरफ लिक्विड भरा होता है. इसे एम्नियोटिक फ्लुइड कहते है. इस लिक्विड के जरिए ही उस तक पोषक तत्‍व पहुंचते हैं.
एम्नियोटिक फ्लुइड में एक विशेष तरह की गंध होती है. यही गंध स्‍तनपान के दौरान मां के पास आती है. पैदा होने के तुरंत बाद जब बच्‍चे रोते हैं और जैसे ही उन्‍हें मां अपने सीने से लगाती है तो वो चुप हो जाते हैं. ब्रेस्‍ट के पास से उन्‍हें वहीं गंध महसूस होती है. इससे वो पहचान लेते हैं कि उसे मां ने गोद में लिया है या नहीं.

स्‍कॉटलैंड की डूंडी यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं की रिसर्च कहती है कि प्रेग्‍नेंसी के बाद छठे महीने से नवजात ये समझने लगते हैं. इसे जानने के लिए वैज्ञानिकों ने प्रयोग किया. गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी कराई गई. इस दौरान जब-जब महिलाओं ने पेट पर हाथ रखा तो बच्‍चे में मूवमेंट दिखा जबकि किसी दूसरे इंसान द्वारा उनके पेट को छूने पर बच्‍चे ने हरकत कम की.
वैज्ञानिकों का कहना है, प्राकृतिकतौर पर मां और बच्‍चे में यह बॉन्‍ड बनता है. रिसर्च में इसकी पुष्टि भी की गई है. यही वजह है कि बच्‍चा सबसे ज्‍यादा मां के करीब रहना पसंद करता है.
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