विकासात्मक मील का पत्थर: पलटना
मेरा शिशु पलटना कब शुरु कर सकेगा?
आपका शिशु शायद छह या सात महीने की उम्र में पलटना शुरु करेगा। इस समय तक उसकी गर्दन और बाजुओं की मांसपेशियां मजबूत हो चुकी होंगी। कुछ शिशु तीन महीने की उम्र में ही पलट लेते हैं, वहीं कुछ अन्य शिशुओं को ऐसा करने में सात महीने से भी अधिक समय लग जाता है।
आपका शिशु अचानक ही पलटना सीख जाएगा और आप यह देखकर आश्चर्यचकित रह जाएंगी। इसीलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि शिशु को ऊंची जगह जैसे पलंग या सोफे पर कभी भी अकेला न छोड़ें। ऊंची सतह पर शिशु की लंगोट (नैपी) बदलते समय एक हाथ हमेशा शिशु के ऊपर रखें।
मेरा शिशु पलटी लेना कैसे सीखेगा?
नवजात से दो महीने का शिशु जन्म के बाद से ही शिशु को पेट के बल लिटाने से उसकी वे मांसपेशियां मजबूत होंगी, जिनकी उसे पलटने के लिए जरुरत है। पेट के बल लेटने से शिशु को अपनी बाजुएं और टांगे हिलाने का मौका मिलता है, साथ ही इससे उसकी गर्दन भी मजबूत होती है। हो सकता है आप पाएं कि शुरुआत में शिशु को पेट के बल लेटना अच्छा नहीं लगता। यह नई मुद्रा शिशु के लिए एक अलग व नया अनुभव हो सकता है। अगर, आपके शिशु के साथ भी ऐसा हो, तो आप एक बार में उसे केवल एक-दो मिनट के लिए ही पेट के बल लेटने का अभ्यास कराएं। जब तक वह इस अवस्था का अभ्यस्त नहीं हो जाता, तब तक आप उसे अपनी छाती या रग्बी होल्ड की तरफ पेट के बल लिटा सकती हैं। अगर, आपके शिशु को पेट के बल लेटना बिल्कुल भी पसंद नहीं है, तो कुछ समय बाद फिर से इसका प्रयास करें। आप भी शिशु के साथ जमीन पर लेटें और उसका पसंदीदा खिलौना उसकी पहुंच से दूर रखकर हिलाएं। शिशु का ध्यान बांटने और इसे एक खेल का स्वरूप देने से वह पेट के बल लेटे रहने में आनंद महसूस करने लगेगा।
नवजात शिशु कब से पलटता है?