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नवजात शिशु का पेट बड़ा क्यों होता है?

Language: Hindi | Published: 18 Oct 2022 | Views: 13
नवजात शिशु का पेट बड़ा क्यों होता है?
कितना बड़ा है आपके शिशु का पेट
अपने शिशु के पेट के माप के बारे में जानने के बाद आपको यह समझने में मदद मिल सकती है कि उसे कितनी मात्रा में और कितनी बार दूध पीने की जरुरत है।
पहला दिन
जब आपका शिशु जन्म लेता है, उसका पेट एक पहाड़ी बादाम से बड़ा नहीं होता है। पेट का आकार इतना छोटा होने की वजह से आपको उसे बार-बार दूध पिलाना पड़ेगा, ताकि वह अपनी भूख मिटा सके।
दूसरा दिन
जन्म के दूसरे दिन आपके शिशु का पेट एक चैरी के बराबर का होगा। हर बार स्तनपान के वक्त वह थोड़ा ज्यादा दूध पीने में सक्षम होगा। लेकिन फिर भी आपको हर डेढ़ से दो घंटे में उसे फिर से दूध पिलाना होगा।
तीसरा दिन
जन्म के तीसरे दिन आपके शिशु का पेट एक अखरोट के बराबर हो जाएगा। जन्म के पहले दिन से लेकर अब तक यह काफी बड़ा हो चुका है!
पांच से छह दिन
आपके शिशु के जन्म का पहला हफ्ता खत्म होते-होते उसके पेट का माप बढ़कर एक खुबानी के जितना हो जाएगा। अब तक आपके शिशु का वजन भी कुछ बढ़ चुका होता है। वह दिन में करीब छह बार नैपी भी गीली कर रहा होगा।
10 दिन से दो हफ्ते
अब अापके शिशु के पेट का बढ़ना थोड़ा धीमा पड़ जाता है। शिशु के दो हफ्ते का होने तक उसके पेट का आकार निरंतर बढ़ता रहता है। उसके पेट का माप अंदाजन एक मुर्गी के बड़े अंडे जितना होगा।
वयस्क
आपके शिशु के पेट का माप उसके वयस्क होने तक बढ़ता रहता है। एक बार पूरी तरह विकसित होने के बाद उसके पेट का माप करीब-करीब एक चकोतरे जितना होगा।
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