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नवजात शिशु के रोने का क्या मतलब होता है?

Language: Hindi | Published: 12 Oct 2022 | Views: 15
नवजात शिशु के रोने का क्या मतलब होता है?
यहां शिशु के रोने के कुछ कारण बताए गए हैं:

* भूख यह आपके नवजात शिशु के रोने के सबसे आम कारणों में से एक है।आपका शिशु जितना छोटा होगा, उसके भूख से रोने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।
* नैपी (लंगोट) बदलने की जरुरत। यदि शिशु नैपी में मलत्याग कर दे, पेशाब कर दे या फिर उसे कपड़े तंग लगें तो वह रोना शुरु कर सकता है। या फिर हो सकता है कि उसका डायपर पेशाब से भर जाने के बाद भी उसे कुछ फर्क न पड़े और वह इससे मिलने वाली गर्माहट और आरामदायह अनुभव का मजा ले रहा हो। मगर यदि आपके शिशु की नाजुक त्वचा में जलन हो रही हो, तो वह संभवतया रोएगा ही।
* अत्याधिक गर्मी या सर्दी महसूस होना। नवजात शिशु अपने शरीर का तापमान आसानी से नियंत्रित नहीं कर सकते। यदि उसे बहुत अधिक गर्मी लगे या सर्दी लगे, तो वह रोना शुरु कर सकता है।
* गोद में आना चाहता है।आपका शिशु आपका बहुत सारा प्यार-दुलार, शरीरिक संपर्क और आराम दिलवाने का आश्ववासन चाहता है। इसलिए हो सकता है कि वह केवल आपकी गोद में आना चाहता हो।
* शिशु थक गया है और आराम चाहता है।अक्सर, शिशुओं को सोने में काफी मुश्किल होती है, खासकर यदि वे बहुत ज्यादा थक गए हों तो। आप जल्द ही शिशु की नींद के संकेतों को पहचानने लगेंगी। छोटी सी बात पर ठिनठिनाना या रोना, छत पर टकटकी लगाकर देखना और एकदम शांत और स्थिर हो जाना, उसके नींद आने के संकेतों के तीन उदाहरण हैं।
* उसे कॉलिक है। कई बार जब शिशु रोता है, तो आप शायद पता नहीं लगा पाएं कि उसके रोने की क्या वजह है। बहुत से नवजात शिशु चिड़चिड़ाहट के चरण से गुजरते हैं और आसानी से शांत नहीं होते। यदि आपका शिशु कुछ मिनटों तक शांत करवाने पर भी शांत न हो और रोता ही जाए या फिर वह कई घंटों तक लगातार रोता रहे, तो इसे कॉलिक कहा जाता है।
* तबियत ठीक नहीं है। यदि आपके शिशु की तबियत ठीक न हो, तो वह शायद अपने सामान्य से अलग स्वर में रोएगा। यह स्वर कमजोर, अधिक आग्रहपूर्ण, लगातार या फिर ऊंचे स्वर में हो सकता है। यदि शिशु आमतौर पर काफी ज्यादा रोता है, मगर अब असामान्य ढंग से शांत सा हो गया है, तो यह भी एक संकेत है कि उसकी तबियत सही नहीं है।
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