शिशु को सुलाने की सही पोजीशन
नवजात शिशु को सुलाने के लिए बेस्ट पोजिशन होती है पीठ के बल सोना. इससे सडन इंफेंट डेथ सिंड्रॉम (sudden infant death syndrome) का खतरा कम होता है. पीठ के बल सोने से बच्चे को सांस लेने में भी तकलीफ नहीं होती है. इससे शिशु का दम नहीं घुटता है. कई मां-बाप सोचते हैं कि बच्चा पीठ के बल सोने से कहीं उल्टी ना कर दें. लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है बच्चे को पीठ के बल सोने से काफी रिलेक्स होता है. ये सबसे सेफ पोजीशन है नवजात बच्चे को सुलाने की. इसलिए हमेशा शिशु को पीठ के बल ही सुलाना चाहिए. बच्चा जब बड़ा होने लगता है तो वो खुद ही करवट बदल लेता है. कई बार बच्चे खुद ही रोल हो जाते हैं और स्लीपिंग पोजिशन बदल लेते हैं. ऐसे में घबराएं नहीं बच्चे को फिर से पीठ के बल सुला दें. अगर बच्चा खेलते खेलते रोल हो रहा है तो इससे उसका विकास अच्छा होता है. इसलिए उसे ऐसा करने दें.
शिशु को सुलाते वक्त ध्यान रखें ये बातें :-
⦁ बच्चे को मुलायम और साफ सुथरे गद्दे पर सुलाएं.
⦁ नवजात बच्चे को अपने साथ ही सुलाएं उन्हें अकेला नहीं छोड़ें.
⦁ बच्चे के आस-पास कोई ऐसी चीज न रखें जो बच्चे के मुंह पर गिर जाए.
⦁ बच्चा जब चीजें खींचने लगे तब भी भारी चीजें आप-पास न रखें.
⦁ सॉफ्ट टॉय भी शिशु के आस-पास न रखें, बच्चे के मुंह पर कोई भी टॉय गिरने से सांस रुक सकती है.
⦁ आप शिशु को सीने से लगाकर भी सुला सकते हैं. इससे बच्चा सेफ महसूस करता है.
⦁ बच्चे को कभी भी मुंह ढ़क कर न सुलाएं. कोई भारी कंबल या कपड़े से बच्चे को न उढ़ाएं, इससे दम घुट सकता है.
⦁ नवजात शिशु को तकिया नहीं लगाना चाहिए, इससे सांस लेने में दिक्कत हो सकती है.
⦁ बच्चा जिस रुम में सो रहा है उसकी लाइट्स डिम रखें.
नवजात शिशु को कैसे सोना चाहिए?