शिशु की स्किन को नैचुरली गोरा और साफ करने के लिए, अपनाएं ये खास तरीके-
शिशु की त्वचा बहुत सेंसिटिव होती है इसलिए जन्म के बाद कुछ शुरुआती सालों में केमिकल युक्त चीजों का इस्तेमाल कम ही करना चाहिए।
शिशु की स्किन बहुत नाजुक और मुलायम होती है। गर्भ से बाहर आने के बाद बाहर के वातावरण में एडजस्ट होने में शिशु को समय लगता है। उसकी बहुत ज्यादा पतली स्किन अभी विकसित ही हो रही होती है। इस समय में बच्चे की स्किन टोन में बदलाव दिखना सामान्य बात है।
वैसे तो बच्चे की रंगत, उसके मां-बाप पर निर्भर करती है लेकिन कुछ बाहरी कारकों जैसे कि केमिकल युक्त स्किन केयर प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल, स्किन एलर्जी और बाहरी वातावरण के संपर्क में आना भी अहम भूमिका निभाते हैं। इसलिए आपको अपने शिशु की नाजुक त्वचा की खासतौर पर शुरुआती कुछ सालों में खास देखभाल करनी चाहिए।
नारियल तेल
दिन में कम से कम एक बार गुनगुने नारियल तेल से मालिश करने से स्किन में लचीलापन आता है और ब्लड सर्कुलेशन ठीक होता है। तेल स्किन में गहराई से जाकर उसे हाइड्रेट करता है जिससे स्किन की रंगत में निखार आता है।
शिशु की मालिश करने के लिए नारियल तेल सबसे ज्यादा असरकारी होता है। इससे स्किन का रंग भी साफ होता है और दाग-धब्बे भी दूर होते हैं।
नवजात शिशु को गोरा करने के लिए कौन सा तेल लगाएं?