हिचकियां रोकने के तरीके :-
* अगर बच्चे ने ठोस आहार खाना शुरू कर दिया है जो उसकी जीभ पर थोड़ी-सी चीनी रख दें। अगर बच्चा छोटा है तो उसके पैसिफायर में ताजा शुगर सिरप रखकर मुंह में डाल दें।
* हिचकियां आने पर शिशु को अपनी गोद में उल्टा लिटाएं या कंधे पर रखें और उसकी पीठ को सर्कुलर मोशन में मलें।
* हर बार दूध पिलाने के बाद बच्चे को कंधे पर रखकर डकार जरूर दिलवाएं। इससे डायफ्राम सही पोजीशन में रहता है। आप डकार दिलवाने के लिए उसकी पीछ को भी थपथपा सकती हैं।
* शिशु की हिचकियां रोकने के लिए आप ग्राइप वॉटर का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। साफ पीने के पानी में ग्राइप वॉटर मिलाकर दें।
जब ज्यादा आने लगे हिचकियां :-
नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को अमूमन हर रोज कुछ मिनट या एक घंटे के लिए हिचकियां आती ही हैं। अगर बच्चा खुश है और उसे इससे कोई परेशानी नहीं हो रही है जो चिंता की कोई बात नहीं है। लेकिन अगर हिचकियां कम होती नजर नहीं आ रही हैं और इसे काफी देर हो गई है यह किसी परेशानी का संकेत हो सकता है।
वहीं अगर हिचकियां लेते समय घरघराहट की भी आवाज आ रही है तो आपको डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।
नवजात शिशु को हिचकी आने पर क्या करें?