Google AdSense Header Slot

न्यू बोर्न बेबी की केयर कैसे करे?

Language: Hindi | Published: 22 Oct 2022 | Views: 12
न्यू बोर्न बेबी की केयर कैसे करे?
नवजात शिशु की देखभाल हर माँ की पहली कोशिश रहती है ताकि शिशु को किसी तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। नयी माँ के जानकारी के लिए आगे आपको विस्तार से बताते है।

न्यू बोर्न बेबी को अच्छे से दूध पिलाएं – माँ का दूध शिशु के विकास में मददगार साबित होता है। इसलिए शिशु को कम से कम छे महीने माँ की दूध की जरुरत होती है। माँ के दूध में कई तरह के पोषक तत्व उपस्तिथ रहते है जो बेबी को पोषक तत्व प्रदान करते है। शिशु को दूध पिलाते समय माँ अच्छी तरह गोद में सुलाकर हाथो का सहारा देकर पिलाना चाहिए। माँ का दूध शिशु के जीवन के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं होता है। माँ का दूध शिशु की हड्डियों और मांसपेशियो को मजबूत करता है। लेकिन माँ को इस बात का ध्यान रखना बच्चे को कब भूख लग रही है और कब नहीं ताकि सही समय पर दूध पीला सके।
नवजात शिशु को अच्छे से पकड़ना चाहिए – जैसा की आपको मालूम है नवजात शिशु का शरीर बहुत नाजुक व कोमल होता है। इसलिए बहुत सावधानी से उनको हाथ में पकड़ना व सुलाना चाहिए ताकि बेबी को चोट न लग पाए। कुछ लोगो का कहना है बच्चें को सही से गोद में लिया जाता है तो बच्चें अधिक नहीं रोते है। शिशु के सिर पर हाथ लगाकर रखे क्योंकि शिशु की गर्दन की मांसपेशिया बहुत नाजुक है। क्योंकि बच्चें की गर्दन लटकने का जोखिम रहता है। इसलिए आप जब भी शिशु को उठाती है तो एक हाथ शिर पर और दूसरा पेरो पर लगा कर रखे।
नवजात शिशु की अच्छी देखभाल के लिए सही समय पर नहलाना चाहिए – बड़े बच्चों को नहलाना बहुत आसान होता है लेकिन नवजात शिशु को नहलाना बहुत कठिन होता है। इसलिए शिशु को नहलाने से पहले सब तैयारी करके रखे। जैसे टावल, कपडा, साबुन, शैम्पू रख ले व जितने पानी की जरुरत है उतना टप में रख ले। बच्चों के पुरे शरीर में एक साथ साबुन लगाए किन्तु बेबी साबुन लगाए। बच्चें को हल्के हाथ से नहलाएं व बाल शिशु को है तो बेबी शैम्पू लगाए। बच्चें गोद में अच्छे से पकड़ के नहलाये। इसके अलावा बच्चें को रोजाना नहलाना जुरूरी नहीं है लेकिन कपडे से साफ सफाई कर सकते है।
नवजात शिशु का सिर हमेशा पोछते रहे – बच्चों को रोजाना नहलाना जरुरी नहीं है लेकिन बच्चें के हाथ और पैर सिर को साफ सूती कपडे से पोछते रहना चाहिए। बच्चे के कपडे भी बदलते रहे क्योंकि रोजाना एक कपडा न पहनाए। यदि बच्चे कपडे पर दूध गिरा देते है या उल्टी कर देते है तो तुरंत कपडे को बदल देना चाहिए। अगर बच्चा पेशाब बहुत कर रहा है तो डायपर को सही समय पर बदल दे। शिशु की छोटी से छोटी चीजों का खास ध्यान रखना चाहिए। खास तौर पर शिशु के हाथो और पेरो के नाख़ून व उनमे स्तिथ मैल को साफ कर ले।
नवजात शिशु के डायपर बदलते रहे – बच्चे को डायपर पहनाने के बाद कुछ माँ को समझ नहीं आ पाता की डायपर कितने समय के बाद बदलनी चाहिए। कई ऐसे भी लोग रहते है जो पैसो को पानी की तरह बहाते है जैस की बहुत सारे डायपर खरीद लेते है और बिना गीले हुए डायपर बार बार बदलते रहते है जो की सही नहीं है। नवजात शिशु की त्वचा बहुत नरम व कोमल होती है इसलिए बार बार करने से बेबी के त्वचा पर रेसेस आ सकता है। इसके अलावा कुछ शिशु बहुत पेशाब व मल करने लगते है जिसके कारण डायपर जल्दी न बदलने से शिशु को देने निकल आते है जिसे चिकिस्तक जांच कर बच्चें डायपर पर ध्यान देने के लिए कहते है। यदि बच्चा डायपर गिला किया है तो उसे तुरंत बदल देना चाहिए क्योंकि इससे संक्रमण फैलने का जोखिम रहता है। (और पढ़े – नीम के फायदे संक्रमण रोकने के)
शिशु की मालिश करते रहे – शिशु की हड्डियों को मजबूत करने के लिए मालिश करना बहुत जरुरी होता है लेकिन त्वचा कोमल व नाजुक है इसलिए हल्के हाथो से मालिश करना चाहिए। शिशु को मालिश करने से उनको बहुत आराम मिलता हैं। इसके अलावा शिशु को चिड़चिड़ाहट की समस्या अधिक नहीं रहती है। बच्चे को मालिश जरूर करे। (और पढ़े – विटामिन डी की कमी क्यों होती है)
बच्चें की नींद का खास ख्याल रखे – बच्चें के जन्म के बाद माँ के ऊपर बहुत जिम्मेदारी आ जाती है। नवजात शिशु बहुत सोता है। क्योंकि ऐसे समय पर खास ध्यान देना चाहिए बच्चा कब सो रहा है और कब सो रहा है। बच्चें का सोते समय ध्यान दे की बच्चे का सिर व हाथ पैर ठीक है कही मुड़े तो नहीं है।
Share this article:

Facebook | Twitter | WhatsApp