ओवुलेशन मासिक चक्र का एक हिस्सा है। जब ओवरी में एग रिलीज होता है, तब ओवुलेशन होता है। ओवरी में अंडे के रिलीज होने पर वह स्पर्म से फर्टिलाइज हो भी सकता है और नहीं भी। अगर अंडा ओवरी से गर्भाशय में आकर इंप्लांट हो जाता है तो प्रेग्नेंसी शुरू होती है। यदि अंडा फर्टिलाइज नहीं होता है तो एग टूट जाता है और पीरियड्स के दौरान यूट्राइन लाइनिंग गिरने लगती है।
गर्भधारण करने या प्रेग्नेंसी को रोकने के लिए ओवुलेशन कैसे और कब होता है, ये समझना जरूरी है। इसकी मदद से महिलाएं कुछ स्वास्थ्य स्थितियों का पता भी लगा सकती हैं।
कब शुरू होता है ओवुलेशन
महिलाओं का मासिक चक्र 28 से 32 दिनों का होता है। हर महीने मासिक चक्र पीरियड के पहले दिन से गिना जाता है। आमतौर पर एग अगले पीरियड से 12 से 26 दिन पहले रिलीज होता है।
कब शुरू होता है ओवुलेशन
महिलाओं का मासिक चक्र 28 से 32 दिनों का होता है। हर महीने मासिक चक्र पीरियड के पहले दिन से गिना जाता है। आमतौर पर एग अगले पीरियड से 12 से 26 दिन पहले रिलीज होता है। अधिकतर महिलाओं को माहवारी 10 से 15 साल की उम्र में शुरू हो जाती है। वहीं, ओवुलेशन मेनोपॉज यानी 45 से 50 की उम्र या इसके बाद होता है।
मासिक चक्र के मध्य के चार दिन पहले और चार दिन बाद ओवुलेशन शुरू होता है।
कब तक रहता है ओवुलेशन
ओवुलेशन की प्रक्रिया की शुरुआत शरीर में फॉलिकल स्टिमुलेटिंग हार्मोन यानी एफएसएच के रिलीज से होती है। ये मासिक चक्र के 6 से 14वें दिन के बीच होता है। एफएसएच ओवरी के अंदर अंडे को मैच्योर होने में मदद करता है ताकि वो आगे जाकर भ्रूण का रूप ले सके।
अंडे के मैच्योर होने पर शरीर में ल्यूटिनाइजिंग हार्मोन यानी एलएच रिलीज होता है जो कि एग के रिलीज को ट्रिगर करता है। एलएच के बढ़ने के 28 से 36 घंटे के बाद ओवुलेशन शुरू हो सकता है।
पीरियड के कितने दिन बाद अंडा बनना शुरू होता है?