मासिक धर्म आमतौर पर हर महिला के जीवन की एक आम प्रक्रिया है. यह सिर्फ प्रजनन के लिए ही जरुरी नहीं होता बल्कि यह स्वास्थ्य के बारे में भी बताता है. मासिक धर्म सबको एक ही उम्र में नहीं होता. कुछ देशों में लड़कियों को 12 या 13 साल की उम्र में पहला मासिक-धर्म होता है. वैसे सामान्य तौर पर 11 से 13 वर्ष की उम्र में लड़कियों का मासिक धर्म शुरू हो जाता है. पीरियड्स या मासिक धर्म महीने में एक बार आता है. यह चक्र सामान्य तौर पर 28 से 35 दिनों का होता है. महिला जब तक गर्भवती न हो जाए यह प्रक्रिया हर महीने होती है. मतलब 28 से 35 दिनों के बीच नियमित तौर पर मासिक धर्म या माहवारी होती है.पीरियड्स के दौरान हाइजीन का ध्यान रखना काफी जरूरी होता है. खासतौर पर गर्मियों के मौसम में यह और भी जरूरी हो जाता है. अब यह सवाल उठता है कि पीरियड्स में पेड्स कब बदलने चाहिए और कितने समय अंतराल पर बदलने चाहिए. आइए जानते हैं इस बारे में –
कैसे करें सही पैड का चुनाव
पीरियड्स के दौरान हमेशा अच्छे पैड का ही इस्तेमाल करें. आप अपने मासिक धर्म के अनुसार पैड का चुनाव करें. अगकर आपको लग रहा है कि रक्त का प्रवाह ज्यादा हो रहा है तो आप लंबे पैड्स का इस्तेमाल कर सकती हैं. वहीं, अगर आपको लग रहा है कि रक्त का प्रवाह कम है तो आप छोटे पैड्स का चुनाव कर सकती है. कुछ लड़कियां दो तरह के पैड का इस्तेमाल करती है एक भारी दिनों के लिए तो एक हल्के दिनों के लिए आप रात को सोते टाइम विशेष पैड का इस्तेमाल भी कर सकती हैं.
कितनी बार बदले पैड
अगर आपके नए नए पीरियड्स शुरू हुए हैं तो आपको बता दें कि पैड कब चेंज करना है वह इस बात पर निर्भर करता है कि आपके ब्लड का फ्लो कैसा है. अगर आपको ब्लीडिंग ज्यादा होती है तो आप 4 घंटे में पैड बदल लें. यदि ब्लीडिंग कम या सामान्य है तब भी हर 8 घंटे में पैड बदलना बेहतर होता है. अगर आप ट्रैवल पर हैं या किसी ऐसी जगह हैं, जहां आपको चेंज करने की सुविधा नहीं मिल रही है, उस स्थिति में अधिक से अधिक 12 घंटे ही कोई पैड आपकी त्वचा के संपर्क में रहना चाहिए.
रात को सोते टाइम रखें इन बातों का ध्यान
– पीरियड्स के दौरान रात को सोते समय वजाइना को एक बार पानी से साफ जरूर करना चाहिए.
– इसके साथ ही आपको वजाइना को किसी मेडिकेटेड वॉश से धोना चाहिए.
-रात में पैड चेंज करके सोएं. पुराने पैड का इस्तेमाल ना करें.
पीरियड के समय लड़कियों को क्या नहीं करना चाहिए?