पीरियड ज्यादा दिन तक आने के कारण - What Causes Long Periods?
मेनोरेजिया के कारण बहुत सी गंभीर बीमारी हो सकती है। तो आखिर क्या कारण है जिसकी वजह से पीरियड्स ज्यादा दिनों तक आते है।
दवाएं - कुछ दवाओं की वजह से पीरियड्स की लंबी अवधि होती है। इन दवाओं में शामिल है - गर्भनिरोधक दवाई जैसे: अंतर्गर्भाशयी उपकरण और विस्तारित जन्म नियंत्रण की गोलियाँ, एस्पिरिन और अन्य ब्लड थिनर्स, एंटी इंफ्लामेट्रिस दवाएं।
हार्मोन की वजह - महिलाओं को प्रत्येक माह यूट्रस में एक परत बनती है। यह परत पीरियड्स में रक्त के द्वारा शरीर से बाहर निकलती है लेकिन हार्मोन का स्तर बिगड़ जाता है तो यह परत मोटी हो जाती है। जिससे ज्यादा समय तक रक्तस्त्राव होता है। ओव्यूलेट ना होने की वजह से भी हार्मोन असंतुलित हो जाते है जिससे भी ज्यादा समय तक पीरियड्स बने रहते है।
प्रेगनेंसी - प्लेसेंटा प्रिविया होने पर गर्भावस्था में भी रक्तस्राव होता है जो की ज्यादा भी हो सकता है। अगर आपने प्रेगनेंसी टेस्ट करवाया है और रिपोर्ट पॉजिटिव है। जिसके बाद भी आपको रक्तस्त्राव हो रहा है तो आपको अपने चिकित्स्क से संपर्क करना चाहिए।
यूटरस का बढ़ना - जब यूटरस की परत में पॉलीप्स की मात्रा बढ़ने लगती है तो रक्तस्त्राव अधिक होता है तथा जब यूट्रस में फाइब्रॉएड ट्यूमर होता है तब भी ज्यादा दिनों तक रक्तस्त्राव होता है।
एडेनोमायोसिस - यह एक ऊतक निर्माण है। ऐसी स्थिति तब बनती है जब आपका एंडोमेट्रियम या गर्भाशय की परत गर्भाशय की मांसपेशियों में खुद को एम्बेड कर लेती है। इस वजह से मासिक धर्म लम्बी अवधि तक बना रहता है।
कैंसर से - गर्भाशय या ओवरी कैंसर होने के कारण भी ऐसा होता है।
रक्तस्राव की स्थिति - जब शरीर में रक्त को थक्का बनाने की क्षमता प्रभावित होती है, तब भी ऐसा होता है इनमें दो प्रमुख है हीमोफिलिया और वॉन विलेब्रांड रोग।
पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज - जब बैक्टीरिया प्रजनन अंगों को संक्रमित करते है तब यह बीमारी होती है। मासिक धर्म चक्र में बदलाव के साथ पीआईडी असामान्य योनि स्राव भी करता है।
मोटापा - इसका एक कारण मोटापा भी होता है क्योंकि वसायुक्त ऊतक शरीर में अधिक एस्ट्रोजन का उत्पादन करते है। यह अतिरिक्त एस्ट्रोजन मासिक धर्म की लम्बी अवधि का कारण बनते है।
थायराइड - अगर आपको थायराइड है जिसमें आपको परेशानी आ रही है तब भी अधिक समय तक पीरियड्स आने की स्थिति बनी रहती है। इसे हाइपोथायरायडिज्म कहते है।
एंडोमेट्रियोसिस - यह तब होता है जब गर्भाशय की कोशिकाओं के छोटे टुकड़े गर्भाशय के बाहर फैलते है तो ऐसा होता है, जैसे- अंडाशय, फैलोपियन ट्यूब, मूत्राशय या योनि में
मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। भारी रक्तस्राव उनमें से एक है। यहां दिये घरेलू नुस्खे, मासिक धर्म के दौरान होने अत्यधिक रक्तस्राव से आपको राहत दिलाने का काम कर सकते हैं।
बबूल
कई महिलाओं और लड़कियों को पीरियड्स के दौरान बहुत लीडिग होती है। इस तरह की समस्या होने पर बबूल का गोंद को घी में भून कर पीस लें अब इसमें बराबर वजन में असली सोना गेरू पीसकर मिला कर तीन बार छान कर शीशी में भर लें। पीरियड्स के दिनों में सुबह शाम 1-1 चम्मच चूर्ण ताजे पानी के साथ लेने
अदरक
कुछ मिनट पानी में अदरक को उबालकर तैयार मिश्रण मासिक धर्म में यधिक प्रवाह को रोकने में मदद करता है। इस मिश्रण को आप चीनी या शहद की मदद से मीठा भी कर सकते है। इस मिश्रण को आप भोजन करने के बाद
दालचीनी
एक कप उबलते पानी में दालचीनी की एक स्टिक द्वारा तैयार चाय पीरियड्स में होने वाला अति रक्तस्राव के लिए बहुत ही प्रभावी घरेलू उपाय है। आप वैकल्पिक रूप से इसमें दालचीनी की छाल से निकली कुछ बूंदों को भी मिला सकते हैं। दिन में दो बार इसकातेमाल भारी माहवारी तस्राव को रोकने में मदद करता है।
सरसों के बीज
40 ग्राम सरसों के सूखे बीज लेकर उन्हें पीसकर बारीक पाउडर बना लें। अत्यधिक रक्तस्राव की परेशानी से बचने के लिए इसमें से 2 ग्राम सरसों के बीज का पाउडर लेकर दिन में दो बार दूध के साथ मासिक धर्म से पहले या दौरान लें। यह भारी पीरियड्स को रोकने का एक प्रभावी घरेलू उपाय है।
धनिया
धनिया महिलाओं में मासिक धर्म संबंधी समस्याओं को दूर करने में बहुत मदद करता है। यदि मासिक धर्म के दौरान रक्तस्राव; साधारण से ज्यादा हो तो आधा लीटर पानी में लगभग 6 ग्राम धनिया के बीज डालकर खौलाएं और इसमें शक्कर मिला लें। मासिक चक्र के दौरान इस काढ़े का सेवन अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के सबसे
अजवायन के फूल
अजवायन के फूल की पत्तियों द्वारा तैयार चाय मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक माहवारी रक्तस्राव को रोकने में बहुत प्रभावी होती है। एक कप पानी में एक चम्मच अजवायन के फूल की पत्तियों डालकर 10 मिनट के लिए उबालकर इस चाय को तैयार किया जा सकता है। अजवायन की चाय को बर्फ क्यूब के साथ मिलाकर माहवारी के दौरान भारी रक्तस्राव की गिरफ्त में आने पर पेट पर ठंडा सेक करने के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है
केले के फूल
पके हुए केले के फूल के साथ दही का एक कप खाने से प्रोजेस्टेरोन बढ़ने लगता है, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव पर नियंत्रण में मदद मिलती है। माहवारी के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव के लिए एक प्रभावी
अशोक की छाल
माहवारी में अधिक रक्तस्राव के लिए यदि अशोक की छाल उपलब्ध हो जाए तो इससे बेहतर कुछ नहीं। आयुर्वेद में भी इस फार्मुले का जिक्र है। इसे इस्तेमाल करने के लिए लगभग 50 ग्राम अशोक की छाल को 2 कप पानी में तब तक खौलाएं जब तक कि यह आधा शेष न जाये। इस काढ़े को ठंडा होने पर प्रतिदिन एक गिलास पीने से तेजी से
अंजीर
अंजीर की ताजा और कोमल पत्तियों से तैयार रस भारी रक्तस्राव को रोकने में कारगर होता है। मासिक धर्म चक्र के दौरान एक दिन में दो बार लिया अंजीर का रस अत्यधिक माहवारी रक्तस्राव के लिए एक प्रभावी उपचार है। इस काढ़े को बनाने के लिए एक कप पानी में थोड़ी सी अंजीर की ताजा पत्तियों को लेकर उबाल लें।
पीरियड ज्यादा दिन तक चले तो क्या करना चाहिए?