Google AdSense Header Slot

पीरियड में काला thaka क्या मतलब है?

Language: Hindi | Published: 09 Oct 2022 | Views: 23
पीरियड में काला thaka क्या मतलब है?
पीरियड्स में काला खून (ब्लैक ब्लड) आने के हो सकते हैं ये 6 कारण

महिलाओं में पीरियड्स या मासिक धर्म के दौरान ब्लैक ब्लड डिस्चार्ज हो सकता है, एक्सपर्ट से जानें ब्लैक पीरियड ब्लड पीछे के कारण के बारे में।

पीरियड्स में काला खून (ब्लैक ब्लड) आने के हो सकते हैं ये 6 कारण

महिलाओं में मासिक धर्म यानी पीरियड्स के दौरान कई तरह की समस्याएं होती हैं। इस दौरान पेट में दर्द, शरीर में थकान और हार्मोनल बदलाव की वजह मूड में बदलाव जैसी समस्याएं झेलनी पड़ती हैं। मासिक धर्म या पीरियड्स के दौरान वेजाइना से डिस्चार्ज और ब्लीडिंग होती है। ब्लीडिंग और डिस्चार्ज के दौरान निकलने वाले खून के रंग से आप स्वास्थ्य का अंदाजा लगा सकती हैं। दरअसल पीरियड्स में ब्लीडिंग या डिस्चार्ज के दौरान कई रंग के ब्लड निकलते हैं। ऐसा होना बिलकुल सामान्य माना जाता है और इसे देखकर आपको घबराना नहीं चाहिए। पीरियड्स के दौरान गहरे लाल रंग से लेकर, भूरा, गुलाबी, ग्रे और काले रंग का खून निकलता है। पीरियड्स के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव के साथ-साथ खानपान और जीवनशैली की वजह से ऐसा होता है। आइये लखनऊ की मशहूर प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ श्रद्धा सिंह से जानते हैं इसके बारे में।
पीरियड्स के दौरान ब्लैक ब्लड आने के कारण (Black Period Blood Causes)

Black-Period-Blood-Causes


पीरियड्स में वेजाइना से ब्लैक ब्लड निकलने के कई कारण हो सकते हैं। तमाम महिलाएं ब्लैक पीरियड ब्लड डिस्चार्ज को देखकर घबरा जाती हैं। दरअसल हर बार या चिंता का विषय नहीं होता है लेकिन कई बार यह कुछ बीमारियों का संकेत भी हो सकता है। महिलाओं में मासिक धर्म या पीरियड्स के दौरान डिस्चार्ज के रूप में ब्लैक ब्लड का निकलना खानपान, जीवनशैली और पर्यावरण के कारण हो सकता हा। इसके अलावा कई बार महिलाओं में स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ स्थितियां जैसे प्रेग्नेंसी, इंफेक्शन, सर्वाइकल कैंसर आदि की वजह से ये समस्या हो सकती है। दरअसल काला खून पुराना खून होता है जो गर्भाशय से कुछ अधिक समय बाद निकलता है। पीरियड्स में काला खून (ब्लैक ब्लड) आने के पीछे ये कारण जिम्मेदार माने जाते हैं।
1. वेजाइना में किसी चीज की मौजूदगी के कारण

पीरियड के दौरान ब्लैक ब्लड डिस्चार्ज जिसे ब्लैक पीरियड ब्लड के नाम से भी जाना जाता है वेजाइना (योनि) में किसी चीज के फंसने या मौजूद होने के कारण हो सकता है। पीरियड्स के दौरान उन महिलाओं को भी ब्लैक ब्लड डिस्चार्ज हो सकता है जो वेजाइना में बाहरी चीजें जैसे गर्भ निरोधक उपकरण, कॉपर टी, टेम्पोन आदि का इस्तेमाल करती हैं। कई बार इन चीजों में गड़बड़ी के कारण महिलाओं को ब्लैक पीरियड ब्लड के अलावा कई अन्य समस्याएं भी झेलनी पड़ सकती हैं। इन उपकरणों की वजह से योनि में संक्रमण भी हो सकता है जिसके बाद योनि में गंध, स्राव आदि की समस्या हो सकती है।
Black-Period-Blood-Causes
2. पीरियड्स की शुरुआत या अंत में ब्लैक पीरियड ब्लड

कई महिलाओं को पीरियड्स की शुरुआत में यानी जब उन्हें पहली बार पीरियड आना शुरू होता है तब या फिर मेनोपॉज या पीरियड्स के खत्म होने के दौरान यह समस्या हो सकती है। इस दौरान आपका प्रवाह धीमा होता है जिसकी वजह से आपके गर्भाशय में मौजूद ब्लड निकलने में थोड़ा अधिक समय लेटा है जिसकी वजह से यह ब्लड लाल रंग से भूरे या काले रंग में बदल जाता है। पीरियड्स से पहले ब्लैक स्पॉटिंग का भी यही कारण होता है। पीरियड्स के पहले या आखिर में आपको ब्लैक डिस्चार्ज हो सकता है। इस स्थिति में आपको अपनी वेजाइना की सही ढंग से सफाई करनी चाहिए।

3. पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज या अन्य संक्रमण

गोनोरिया या क्लैमाइडिया जैसे यौन संचारित संक्रमण (एसटीआई) की वजह से ब्लीडिंग और असामान्य डिस्चार्ज होता है। ब्लैक पीरियड डिस्चार्ज में यह माना जाता है कि आपके यूट्रस में मौजूद पुराना ब्लड निकल रहा है। ब्लैक पीरियड ब्लड पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज या अन्य योनि संक्रमण के कारण भी हो सकता है। इन समस्याओं में आपको ये लक्षण दिख सकते हैं।

शारीरिक संबंध बनाने के बाद या उसके दौरान ब्लीडिंग
पेशाब करते समय दिक्कत
पेल्विक एरिया में दर्द या दबाव
पीरियड्स के बीच स्पॉटिंग
वेजाइना में खुजली
ठंड लगने के साथ बुखार


4. सर्वाइकल कैंसर के कारण

शारीरिक संबंध बनाने के बाद या पीरियड्स में ब्लैक ब्लड डिस्चार्ज होने का एक कारण सर्वाइकल कैंसर भी हो सकता है। इस दौरान आपको अत्यधिक थकान, वजन कम होना, पेशाब करने में दिक्कत और पेल्विक एरिया में दर्द आदि हो सकते हैं। महिलाओं के गर्भाशय के सबसे निचले हिस्से में (गर्भाशय और योनि को जोड़ने वाला हिस्सा) सर्विक्स होता है। इसी सर्विक्स में होने वाले कैंसर को सर्वाइकल कैंसर कहते हैं। 35-40 साल की उम्र के बाद जब महिलाओं के पीरियड्स अनियमित होते हैं या ब्लड ज्यादा निकलता है, तो वो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देती हैं। मगर ये सर्वाइकल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकता है। ये एक खतरनाक कैंसर है क्योंकि सर्वाइकल से फैलते हुए ये कैंसर लिवर, ब्लैडर, योनि, फेफड़ों और किडनी तक पहुंच जाता है।


5. मिसकैरेज के कारण

महिलाओं में गर्भपात (मिसकैरेज) के कारण भी ब्लैक पीरियड ब्लड की समस्या हो सकती है। कई महिलाओं में मिसकैरेज की वजह से ग्रे या ब्राउन डिस्चार्ज हो सकता है। गर्भावस्था के पहले 20 सप्ताह के भीतर यह समस्या हो सकती है। इसके कारण आपको आगे चलकर मासिक धर्म या पीरियड्स के दौरान ब्लैक पीरियड ब्लड निकलता है। मिसकैरेज की वजह से होने वाली इस समस्या को गंभीर माना जाता है। इसके लक्षण दिखने पर आपको एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

6. लोचिया के कारण

डिलीवरी के बाद चार से छह सप्ताह बाद महिलाओं में होने वाली ब्लीडिंग को लोचिया (Lochia) कहा जाता है। इस दौरान महिलाओं में रक्तस्राव स्पॉटिंग जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि लोचिया के दौरान महिलाओं में गुलाबी और लाल रंग का खून अधिक निकलता है लेकिन इसके बाद जब ब्लड का प्रवाह धीमा हो जाता है तो इसका रंग ब्लैक भी हो सकता है। यदि आपको भी डिलीवरी के बाद के हफ्तों में किसी भी चमकदार लाल रक्त, बेर से बड़े थक्के, या दुर्गंधयुक्त स्राव का अनुभव होता है, तो अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें।


ऊपर बताये गए इन कारणों से आपको पीरियड्स या मासिक धर्म के दौरान ब्लैक पीरियड ब्लड की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में ऊपर बताये गए कारणों के अलावा आपका खानपान, जीवनशैली और आपके आसपास का पर्यावरण भी जिम्मेदार हो सकता है। एकाध बार ब्लैक ब्लड डिस्चार्ज होने को सामान्य माना जाता है लेकिन जब यह समस्या लगातार बनी रहती है तो ऐसे में एक्सपर्ट डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। ऐसी स्थिति को शरीर में पनप रही कुछ बीमारियों का संकेत भी माना जाता है इसलिए ऐसा बार-बार होने पर आपको डॉक्टर से संपर्क जरूर करना चाहिए।
Share this article:

Facebook | Twitter | WhatsApp