पीरियड्स के दिनों में कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। हर महीने महिलाओं को पेट, कमर, जांघों, सिर में होने वाले दर्द से गुजरना पड़ता है। इसके कारण उन्हें चार से पांच दिन कुछ भी अच्छा नहीं लगता है।चूंकि, मासिक धर्म के दौरान शरीर में कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे मूड स्विंग्स, तनाव, चिड़चिड़ापन, भूख की कमी आदि समस्या से दो-चार होना पड़ता है। आपको भी पीरियड्स (Period in Hindi) में तनाव, उदासी, दर्द, खीझ, गुस्सा आदि की समस्या होती है और कुछ भी अच्छा नहीं लगता है, तो यहां बताए गए टिप्स को फॉलो करें।
आपको पीरियड्स के दिनों में अच्छा महसूस होगा।
1. एक्सरसाइज से होगा अच्छा महसूस
पीरियड्स होने पर बिस्तर पर पड़ी ना रहें। इन दिनों भी हल्की एक्सरसाइज, मेडिटेशन, योग का अभ्यास करें। इससे मन प्रसन्न होता है। मूड अच्छा होता है। आप चाहें तो घर में ही टहलें, स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज करें। इससे शरीर का दर्द कम होगा।
2. सिकाई करने से मिलता है आराम
पीरियड्स के दर्द को आप सिकाई करके दूर कर सकती हैं। हॉट वाटर बैग में गर्म पानी डालें और इससे कमर, पेट आदि को सेकें। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सही होता है। गर्म पानी के बैग से पेट, कमर आदि सेकें। आपको दर्द में आराम महसूस होगा।
3. शरीर को रखें हाइड्रेट
शरीर में पानी की कमी ना होने दें। मासिक धर्म में भी लिक्विड का सेवन करना जरूरी होता है। शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पानी पिएं। दूध, जूस आदि पिएं। इससे आपको ताकत भी मिलेगी। पीरियड्स में कुछ महिलाओं को ब्लोटिंग, पेट फूलने की समस्या होती है। ऐसे में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से इन समस्याओं से बचाव होता है।
4. एक्टिव रहना भी है जरूरी
सारा दिन बेड पर पड़े रहना भी ठीक नहीं है। एक्टिन नहीं रहने से भी ध्यान बार-बार दर्द, स्ट्रेस की तरफ जाएगा और मूड स्विंग्स होता रहेगा। एक्टिव रहने की कोशिश करें। थोड़ा टहलें। छोटे-मोटे काम करें। खुश रहने की कोशिश करें। दोस्त से फोन पर बात करें। इससे अच्छा महसूस होगा।
5. भरपूर आराम करें और नींद लें
रात में देर तक ना जागी रहें। पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। सुबह फ्रेश मूड से उठेंगी। यदि रात में भी पेट दर्द होता है, तो हॉट वाटर बैग लेकर साएं। इससे दर्द कम होगा और नींद जल्दी आएगी।
कैसे करें पीरियड्स के दौरान खुद की देखभाल?
- सफाई का ध्यान रखें
वेजानिल पार्ट और आसपास अच्छे से सफाई रखें। वॉशरूम जाने के बाद हाथों को साबुन से धोएं।
- सैनिटरी पैड का यूज करें
पीरियड्स के दौरान हाइजीन मेंटेन करने के लिए कपड़े के बजाय सैनिटरी पैड ज्यादा फायदेमंद हैं।
- पैड चेंज करते रहें
हैवी फ्लो के कारण पैड जल्दी गीला हो सकता है। रेग्युलर पैड और कपड़े बदलते रहना चाहिए।
- रैशेज से बचें
ज्यादा समय तक गीला पैड पहने रहने से रैशेज, खुजली की प्रॉब्लम हो सकती है। एंटीसेप्टिक लगाएं।
- सोप यूज न करें
सोप के यूज से वेजाइना और आसपास के गुड बैक्टीरिया खत्म हो सकते हैं। स्किन इन्फेक्शन हो सकता है।
- भरपूर पानी पिएं
दिन में 6-8 गिलास पानी पीने से बॉडी हाइड्रेट रहेगी। डाइजेशन अच्छा होगा। दर्द और तकलीफ में फायदा होगा।
- हेल्दी डाइट लें
ग्रीन वेजिटेबल्स, सलाद, ग्रीन टी, केला, पपीता, डार्क चॉकलेट्स, फिश, ड्राय फ्रूट्स और नट्स जैसी चीजें खाएं।
- जंक फूड से दूर रहें
चाय-कॉफी, कोल्ड ड्रिंक्स, ऑयली और फैटी फूड जैसी चीजें पीरियड्स की तकलीफ बढ़ाती हैं। इन्हें अवॉयड करें।
- एक्सरसाइज करें
डॉक्टर की सलाह से हल्की एक्सरसाइज, प्राणायाम, योगा या फिजियोथेरेपी करें। पीरियड्स क्रैम्प से राहत मिलेगी।
- आराम करें
पीरियड्स के दर्द और तकलीफ से बचने के लिए रेस्ट करें, टेंशन और स्ट्रेस से बचें और 7-8 घंटे की भरपूर नींद लें।
पीरियड में कैसे रहना चाहिए?