Google AdSense Header Slot

पुरुष का वीर्य पतला क्यों होता है?

Language: Hindi | Published: 11 Nov 2022 | Views: 19
पुरुष का वीर्य पतला क्यों होता है?
सीमेन का पतलापन नहीं है दोषी
35 साल का शादी-शुदा युवक हूं। प्राइवेट पार्ट में तनाव आदि सब ठीक है पर मेरा सीमेन पानी जैसा पतला हो गया है। क्या यह कमजोरी की वजह से है? क्या इसकी वजह से बच्चा ठहरने में भी समस्या हो सकती है? कोशिश करने के बाद भी अभी तक मेरे यहां बच्चा नहीं हो रहा है।
एक पाठक
जैसे-जैसे आदमी की उम्र बढ़ती है सीमेन में भी फर्क आने लगता है। पहले जो वीर्य एकदम सफेद होता है, बाद में उसमें थोड़ा-सा पीलापन आने लगता है। गाढ़ा सीमेन थोड़ा पतला होने लगता है और डिस्चार्ज के वक्त सीमेन की मात्रा भी पहले से कम होने लगती है। पर, सीमेन के पतले, पीले या कम मात्रा में होने से आदमी की मर्दानगी या बच्चा ठहरने पर कोई फर्क नहीं पड़ता।कई बार दो सहवास के बीच की अवधि कम हो यानी एक बार सहवास करने के बाद जल्दी ही दोबारा फिर सहवास कर लिया जाए तो भी सीमेन कम मात्रा में डिस्चार्ज होता है। यह सामान्य बात है, कोई बीमारी नहीं। कई बार सीमेन की मात्रा खानपान पर भी निर्भर करती है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि डिस्चार्ज हुए टोटल सीमेन का 69 फीसदी हिस्सा तो शुक्राशय या सैमीनल वैसिकल (Seminal vesicals) नामक अंग में और 30 प्रतिशत प्रोस्टेट में बनता है। इस टोटल सीमेन के भी सिर्फ एक प्रतिशत से भी कम हिस्से में ही शुक्राणु होते हैं। शरीर में हर मिनट में तकरीबन 50 हज़ार शुक्राणुओं का निर्माण होता रहता है। एक बार सीमेन डिस्चार्ज होने पर सौ करोड़ शुक्राणु बाहर आ जाते हैं। जबकि बच्चा पैदा करने के लिए इनमें से सिर्फ किसी एक की ही जरूरत पड़ती है (अगर एक बार बच्चा पैदा करने के लिए एक बार के डिस्चार्ज के सभी शुक्राणु काम में आने लगें तो एक ही बार में पूरे एक हिंदुस्तान का निर्माण हो सकता है)।65 साल के बाद की उम्र में यूं तो सीमेन की मात्रा में कमी आने ही लग जाती है। पर, तब अगर सीमेन की मात्रा बहुत ही कम यानी आधे एमएल या आधी सीसी से भी कम होने लग जाए तो कभी-कभी ऐसा पुरुष हार्मोंस टेस्टोस्टेरॉन की कमी की वजह से भी हो सकता है।सीमेन पतला हो या गाढ़ा, सफेद हो या पीला, कम हो या ज्यादा हो उससे बच्चा पैदा करने की क्षमता या सेक्स की चरम अवस्था तक पहुंचने या आनंद पाने में कोई कमी नहीं आती। सीमेन पतला होने का मतलब शुक्राणुओं की कमी होना नहीं है। शुक्राणु खुली आंखों से नहीं दिखते। उन्हें देखने के लिए माइक्रोस्कोप की जरूरत पड़ती है। इसलिए समझ लिया जाता है कि पतले हो चुके सीमेन में शुक्राणु हैं ही नहीं। ऐसा सोचकर अक्सर ज्यादातर लोग घबराए नजर आते हैं जबकि यह सच नहीं है। पतले सीमेन में भी पूरी संख्या में शुक्राणु मौजूद होते हैं। सीमेन के पतलेपन की वजह सैमीनल वैसिकल या प्रोस्टेट है न कि शुक्राणु। सीमेन का पतलापन खानपान में लापरवाही और बिना पूरा गैप दिए जल्दी-जल्दी सहवास करते रहने से हो जाता है। सीमेन में पतलापन होने की वजह से बच्चा पैदा करने की क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ता।वीर्य के पतलेपन की इस कमी को पूरा करने के लिए आप गाय के घी में उड़द की दाल को लहसुन या हींग का तड़का देकर हफ्ते में दो बार लें। आयुर्वेद का मानना है कि उड़द की दाल में पुरुष हार्मोंस टेस्टोस्टेरॉन को और गाय के घी में सीमेन की मात्रा बढ़ाने की विशेष क्षमता होती है। अगर आपको बच्चा नहीं हो रहा तो आप किसी इन्फर्टिलिटी एक्सपर्ट से अपनी व पत्नी की पूरी जांच कराकर उनकी सलाह से आगे बढ़ें।
Share this article:

Facebook | Twitter | WhatsApp