शहर के अल्ट्रासाउंड केंद्रों ने बढ़ाई फीस, अब डेढ़ सौ रुपये लगेंगे ज्यादा
शहर के निजी अल्ट्रासाउंड केंद्रों ने अल्ट्रासाउंड की फीस बढ़ा दी है। अब अल्ट्रासाउंड करवाने वालों को डेढ़ सौ रुपये ज्यादा देने होंगे। पहले जहां अल्ट्रासाउंड के लिए 250 रुपये लगते थे, वहीं अब 400 रुपये कर दिए गए हैं। यह फैसला अल्ट्रासाउंड केंद्रों की यूनियन की ओर से लिया गया है। हालांकि सामान्य अस्पताल में भी नई अल्ट्रासाउंड मशीन शुरु कर दी गई है, लेकिन समस्या यह है कि सामान्य अस्पताल की मशीन पर महज एक डॉक्टर है। इसलिए वहां सिर्फ एक दिन में 40 मरीजों का ही अल्ट्रासाउंड हो पाता है।
शहर में पंजीकृत हैं 53 अल्ट्रासाउंड केंद्र
जानकारी के अनुसार शहर में 53 अल्ट्रासाउंड केंद्र पंजीकृत है। इन केंद्रों पर पथरी, पेट से जुड़ी बीमारी के अलावा गर्भावस्था में शिशु के स्वास्थ्य के बारे में जानने के लिए गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड किया जाता है। अनुमानित आंकड़ों के अनुसार शहर में छोटे-बड़े अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर रोजाना दो से ढाई हजार मरीजों व गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड होता है। इसलिए अब इन लोगों को अल्ट्रासाउंड की सुविधा लेने के लिए अतिरिक्त राशि खर्च करनी होगी।
आरएमपी को नहीं मिलेगा कमीशन
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ¨लग जांच के मामलों में शिकंजा कसने के बाद अल्ट्रासाउंड केंद्रों की यूनियन ने कुछ अच्छे फैसले भी लिए हैं। यूनियन ने फैसला लिया है कि अब ग्रामीण क्षेत्रों के आरएमपी डॉक्टरों द्वारा अल्ट्रासाउंड के लिए मरीज भेजने पर कमीशन नहीं दिया जाएगा।
जिले में पंजीकृत अल्ट्रासाउंड केंद्र - 53
रोजाना आने वाले मरीजों की संख्या - करीब 2500
पहले फीस - 250 रुपये
अब फीस - 400 रुपये
अंतर - 150 रुपये
:::::: अल्ट्रासाउंड केंद्रों की खुद की यूनियन है। यूनियन ने ही फैसला लिया होगा। हमारा इन केंद्रों पर फीस से संबंधित कोई नियंत्रण नहीं है। फीस बढ़ाने का फैसला केंद्रों का निजी फैसला है।
पेट का अल्ट्रासाउंड कितने का होता है?