पेट की आंत से बनाई आहार नली, दूरबीन पद्धति से किया ऑपरेशन
6 वर्ष पहले
इंदौर. एमवायएच में दूरबीन पद्धति से आहार नली के कैंसर का जटिल ऑपरेशन किया गया। वर्तमान में इसके लिए मरीज को टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल मुंबई जाना पड़ता था। इस नई तकनीक से किए गए ऑपरेशन में आठ घंटे का समय लगा। चिकित्सकीय भाषा में इसे लेप्रोस्कोपिक थोरोस्किोपिक रेडिकल इयोफेजिक्टोमी कहते हैं।
पिछले माह ही खंडवा जिले के किसान हरि एमवायएच आए। उन्हें आहार नली का कैंसर हो गया था। पहले यह ऑपरेशन चीरा लगाकर करना पड़ता था लेकिन दूरबीन पद्धति से सर्जरी टीम ने आहार नली को छोटे-छोटे छेद कर कैंसर सहित छाती व पेट से निकाला गया। इसके बाद पेट की आंत से नई आहारनली बनाई गई।
डॉ. अरविंद घनघोरिया ने बताया कि पहली बार प्रदेश में दूरबीन पद्धति से यह ऑपरेशन किया गया। आठ घंटे तक सर्जरी जिसमें बिलकुल खून नहीं निकला। बिना चीड़ फाड़ के यह ऑपरेशन किया गया। वर्तमान में इस ऑपरेशन के लिए मरीजों को टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल जाना पड़ता था। प्रायवेट अस्पताल में इस ऑपरेशन पर १० लाख का खर्च आता है।
पेट की आंत का ऑपरेशन कैसे होता है?