प्रेगनेंसी में डायट, एक्सरसाइज और जीवनशैली में कुछ सकारात्मक बदलाव लाने होते हैं जिससे गर्भस्थ शिशु का स्वस्थ विकास हो सके। हर मां चाहती है कि उसका बच्चा स्वस्थ हो और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वस्थ होने का पता उसके वजन से चलता है।
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भ्रूण का वजन कैसे पता चलता है
अधिकतर महिलाएं प्रेग्नेंसी की पहली तिमाही में अपना पहला अल्ट्रासाउंड करवाती हैं। भ्रूण के विकास को समझने के लिए रेडियोलोजिस्ट कई तरह के माप लेते हैं, जैसे कि फेमुर लैंथ, सिर और पेट की चौड़ाई, ओसिपिटोफ्रंटल डायमीटर, बाइपेरिटल डायमीटर और हुमरस लैंथ।
इनके आधार पर भ्रूण का वजन और गर्भावस्था का महीना पता चलता है। इससे डिलीवरी की डेट भी पता चलती है।
भ्रूण का कितना होना चाहिए वजन
हफ्ते के अनुसार भ्रूण का वजन इस तरह होना चाहिए :
8वें हफ्ते में 1 ग्राम, 9 में 2 ग्राम, 10में 4 ग्राम, 11 में 4 ग्राम, 12 में 14 ग्राम, 13 में 23 ग्राम, 14 में 43 ग्राम, 15 में 70 ग्राम, 16 में 100 ग्राम, 17 में 140 ग्राम, 18 में 190 ग्राम, 19 में 240 ग्राम, 20 में 300 ग्राम, 21 में 360 ग्राम, 22 में 430 ग्राम, 23 में 501 ग्राम, 24 में 600 ग्राम, 25 में 660 ग्राम, 26 में 760 ग्राम, 27 में 875 ग्राम, 28 में 1005 ग्राम, 29 में 1153 ग्राम, 30 में 1319 ग्राम, 31 में 1502 ग्राम, 32 में 1702 ग्राम, 33 में 1918 ग्राम, 34 में 2146 ग्राम, 35 में 2383 ग्राम, 36 में 2622 ग्राम, 37 में 2859 ग्राम, 38 में 3083, 39 में 3288 और 40वें हफ्ते में 3462 ग्राम भ्रूण का वजन होना चाहिए।
पेट में पल रहे बच्चे का वजन कितना होना चाहिए?