डिलीवरी के तुरंत बाद इन 6 चीजों को खाने से मिलती है ताकत
डिलीवरी के तुरंत बाद भी महिलाओं को कुछ पौष्टिक आहार लेने की जरूरत होती है जिससे उनके शरीर को ताकत मिल सके।
डिलीवरी के तुरंत बाद इन 6 चीजों को खाने से मिलती है ताकत
हमेशा इसी बारे में बात की जाती है कि गर्भावस्था के दौरान और डिलीवरी के बाद स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को क्या खाना चाहिए। लेकिन कभी कोई इस बात पर गौर नहीं करता कि डिलीवरी के तुरंत बाद महिला को क्या खाना चाहिए।
प्रसव के दौरान अधिक मात्रा में कैलोरी खर्च होती है इसलिए डिलीवरी के बाद महिलाओं को कुछ ऐसा खाने की जरूरत होती है जिससे उन्हें ताकत मिले। डिलीवरी के तुरंत बाद क्या खाना चाहिए, आइए जानते हैं।
चिकन सूप
डिलीवरी के दौरान महिलाओं के नस के जरिए फ्लूइड दिए जा सकते हैं। वहीं, स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को अन्य महिलाओं की तुलना में एक लीटर प्रतिदिन फ्लूइड अधिक चाहिए होता है। डिलीवरी के बाद चिकन सूप लेना बेहतर रहता है। ये शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की पूर्ति करता है। वहीं चिकन सूप से शरीर में गरमाई भी रहती है।
हल्दी का दूध और घी
घी बहुत पौष्टिक होता है और इसमें उच्च मात्रा में कैल्शियम एवं कैलोरी होती है। नई मांओं खासतौर पर स्तनपान करवाने वाली महिलाओं को अधिक मात्रा में कैल्शियम की जरूरत होती है।
डिलीवरी के बाद एक गिलास दूध में आधा चम्मच हल्दी डालकर पिएं। हल्दी एंटी इंफलामेट्री होती है और शरीर के घावों को भरने में मदद करती है जबकि दूध कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर होता है।
खजूर
एक छोटे से अध्ययन में पाया गया था कि डिलीवरी के तुरंत बाद खजूर खाने से खून कम निकलता है। इसका मतलब है कि रक्तस्राव कम होता है। वहीं खजूर सिंपल शुगर का बेहतरीन स्रोत माने जाते हैं जिससे डिलीवरी के बाद शरीर को तुरंत एनर्जी मिलती है। इसमें कैलोरी और कार्बोहाइड्रेट भी होता है।
फलों के साथ ओटमील
डिलीवरी के बाद पहली बार पॉटी करने पर खून आना सामान्य बात है। वहीं प्रेगनेंसी हार्मोंस की वजह से डिलीवरी के बाद कब्ज होना भी एक आम समस्या है। वहीं अगर आपका सिजेरियन ऑपरेशन हुआ है तो हो सकता है कि कुछ घंटे तक आपको पॉटी न आए, क्योंकि इसमें पाचन तंत्र थोड़ा धीमा हो जाता है।
डिलीवरी के बाद कब्ज दूर करने या पाचन को दुरुस्त करने के लिए फाइबर युक्त आहार की जरूरत होती है। ओटस फाइबर से भरपूर होते हैं। पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ाने के लिए आप इसमें फल या सूखे मेवे भी डाल सकती हैं।
इसके अलावा ओटमील से स्तनों में दूध की आपूर्ति में भी इजाफा होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, आयरन और कैलोरी होती है जो कि इसे दूध के उत्पादन में सहायक बनाती है।
अंडा
अंडा प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है और इससे मांसपेशियों में दर्द से आराम मिलता है। डिलीवरी के बाद मांसपेशियों में बहुत दर्द होता है। प्रेगनेंसी के बाद ओमेगा 3 फैटी एसिड की कमी के कारण पोस्टपार्टम डिप्रेशन हो सकता है और रिसर्च में भी इन दोनों के बीच संबंध पाया गया है। अंडे में ओमेगा 3 फैटी एसिड होता है जो पोस्टपार्टम डिप्रेशन के खतरे को कम कर सकता है।
हरी पत्तेदार सब्जियां
ब्रोकली, पालक और केल कई तरह के पोषक तत्वों से भरपूर होती है। ये प्रेगनेंसी के बाद वजन घटाने में भी मदद करती हैं। इनमें कैल्शियम और आयरन होता है जो कि डिलीवरी के बाद ब्रेस्ट मिल्क बनाने में मदद करते हैं। इन सब्जियों में कई तरह के विटामिन और खनिज पदार्थ भी होते हैं।
प्रसव के बाद चिकन खा सकते हैं?